छपरा:छपरा और आसपास के क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश और रेल पटरी पर जलजमाव के कारण पूर्वोत्तर रेलवे (वाराणसी मंडल) ने बड़ा निर्णय लिया है।
Highlights:
31 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।
26 जोड़ी एक्सप्रेस और विशेष ट्रेनों के मार्गों में परिवर्तन किया गया है।
कई ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट / शॉर्ट ओरिजिनेट कर के चलाया जा रहा है।
रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने जानकारी दी कि यात्रियों की संरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
प्रमुख ट्रेनों पर असर इस प्रकार है:
निरस्त ट्रेनों में शामिल हैं:
- थावे-पटना, थावे-छपरा कचहरी, छपरा-वाराणसी सिटी, छपरा-गोरखपुर, गोरखपुर-छपरा, सोनपुर-छपरा जैसे लोकल व सवारी गाड़ियाँ
- वाराणसी सिटी-गोरखपुर छावनी एक्सप्रेस, गोरखपुर छावनी-वाराणसी सिटी एक्सप्रेस
मार्ग परिवर्तित ट्रेनों में शामिल हैं:
- वैशाली एक्सप्रेस, आम्रपाली एक्सप्रेस, बिहार संपर्क क्रांति, शहीद एक्सप्रेस, दरभंगा-नई दिल्ली स्पेशल, और लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों के रूट बदले गए हैं।
कंट्रोल व शॉर्ट टर्मिनेशन:
- लखनऊ-पाटलिपुत्र, लोकमान्य तिलक-आजमगढ़, बनारस-गोरखपुर जैसी कई ट्रेनों को बीच में ही रोका गया है या शॉर्ट दूरी तक ही चलाया जा रहा है।
रेलवे ने यात्रियों से सफर से पहले स्टेशनों या IRCTC साइट से स्थिति की पुष्टि करने की अपील की है। स्टेशन परिसर में जनसंचार प्रणाली व खाने-पीने की व्यवस्था की गई है।
छपरा शहर में बिजली संकट: तेलपा ग्रिड जलमग्न, सप्लाई ठप
छपरा शहर के तेलपा ग्रिड में जलजमाव की वजह से बीती रात से बिजली की आपूर्ति पूरी तरह बाधित है।
स्थानीय लोगों को पीने के पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के चलते बाजार पूरी तरह बंद, दुकानों और घरों में पानी घुसने की शिकायतें सामने आई हैं।कई इलाकों में सड़कें तालाब में तब्दील, यातायात भी प्रभावित।
स्थानीय प्रशासन अलर्ट पर
- नगर निगम की टीमें जलनिकासी में जुटी हुई हैं।
- रेलवे व जिला प्रशासन समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं।
- बिजली विभाग द्वारा ग्रिड से पानी निकालने की कोशिशें जारी हैं, जल्द सप्लाई बहाल होने की उम्मीद।
यात्रियों और आम जनता से अपील:
- जब तक हालात सामान्य न हो, जरूरी हो तभी यात्रा करें।
- रेलवे के हेल्पलाइन और स्थानीय प्रशासन से अपडेट लेते रहें।
- बारिश के दौरान बिजली उपकरणों से दूरी बनाए रखें और बच्चों को जलभराव वाले इलाकों में न भेजें।






















