छपरा: लोकनायक जयप्रकाश नारायण की धरती शताब्दी यार में आज उपराष्ट्रपति महोदय पहुंचे और उन्होंने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की आत्म प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। आज जेपी की जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के राष्ट्रीय स्मारक सिताबदियारा मैं पटना से सड़क मार्ग से काफी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उपराष्ट्रपति यहां पहुंचे। और जेपी की जयंती पर उनको नमन किया।
सारण में पहली बार पधारे उपराष्ट्रपति ने माल्यार्पण के पश्चात स्थानीय लोगों से भी मुलाकात की और उनकी समस्याओं को भी सुना काफी लोगों ने अपनी अपनी बातों को रखा। एक जेपी सेनानी ने अपने पेंशन नहीं मिलने की बात भी उपराष्ट्रपति को बताई। उसके बाद उपराष्ट्रपति डॉक्टर सीपी राधा कृष्ण अन्य कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लोकनायक जयप्रकाश नारायण स्मृति भवन चले गए उपराष्ट्रपति यहां लगभग 45 मिनट तक रुकेंगे।वही लोक नायक के गांव के लोगों के द्वारा भी अपनी अपनी समस्या बताया।
लोकनायक जयप्रकाश नारायण का जन्म11अक्टूबर 1902 में सारण जिले के सिताबदियारा में हुआ था।वे स्वतंत्रता आंदोलन के सिपाही थे।और उन्हें हजारी बाग जेल में डाल दिया गया था बाद में वे हजारीबाग जेल से दीवार फांद कर फरार हो गए थे। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद लोकनायक जयप्रकाश नारायण को कई बार भारतीय राजनीतिक में होने का अवसर मिला लेकिन हर बार उन्होंने इसको नकार दिया।बाद में सर्वोदय आंदोलन से जुड़ गए। संपूर्ण क्रांति के जनक लोकनायक जयप्रकाश नारायण 1974 में एक नारा दिया सिंहासन खाली करो जनता आती है। का भारतीय राजनीतिक में काफी असर हुआ और उसके बाद एक बड़ा छात्र आंदोलन शुरू हुआ। और कांग्रेस की सत्ता। जाती रही। वही आज सत्ता के सीट में कई ऐसे नेता है जो लोकनायक जयप्रकाश नारायण की संपूर्ण क्रांति की उपज है। इसमें लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार स्व रामविलास पासवान,स्व सुशील मोदी।वही लोकनायक के गांव के लोगों ने कहा की यहां की काफी समस्या है ।लेकिन जनप्रतिनिधियों ध्यान नहीं देते है।





















