धनबाद:धनबाद में एक निजी अस्पताल में प्रसूता की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मामला सरायढेला थाना क्षेत्र स्थित सावित्री हॉस्पिटल का है, जहां 22 वर्षीय शिलू देवी की सिजेरियन डिलीवरी के बाद इलाज में लापरवाही से मौत हो गई।
Highlights:
घटना के बाद मृतका के चंद्रपुरा निवासी परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने सिजेरियन डिलीवरी के दौरान गंभीर लापरवाही बरती, जिससे शिलू देवी की जान चली गई।
हंगामे के दौरान अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ मौके से फरार हो गए, जिसके बाद माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
परिजनों के आरोप:
मृतका के पति गोपाल कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी को डिलीवरी के बाद अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने चार से छह घंटे तक उसे वहीं रोके रखा।“जब हालत बिगड़ गई तब जाकर उसे सरकारी अस्पताल भेजने के लिए कहा गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया,”
मृतका की सास मालती देवी ने बताया कि 11 नवंबर को बहू को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर ने पहले सामान्य प्रसव का प्रयास किया, लेकिन सफल न होने पर 12 नवंबर को सिजेरियन कराया गया।“डिलीवरी के बाद भी तेज ब्लीडिंग जारी रही, लेकिन डॉक्टरों ने सिर्फ इंजेक्शन लगाकर लापरवाही दिखाई,”
आक्रोश और मांग:
मृतका के परिजनों ने कहा कि उनका नवजात शिशु मां विहीन हो गया है। उन्होंने प्रशासन से अस्पताल प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है।
साथ ही मांग की गई है कि ऐसे “लापरवाह अस्पताल” को तुरंत बंद किया जाए।
पुलिस की कार्रवाई:
घटना की सूचना मिलते ही सरायढेला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





















