राजगंज: बैंक ऑफ इंडिया की राजगंज शाखा में कर्मचारियों की लापरवाही का मामला सोमवार को सामने आया, जहां एक पैर से दिव्यांग और बोलने में असमर्थ व्यक्ति को अपनी पेंशन राशि के भुगतान के लिए घंटों तक परेशान होना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, दिव्यांग व्यक्ति बादल मोहली सुबह करीब 11 बजे बैंक खुलते ही अपनी पेंशन राशि प्राप्त करने राजगंज शाखा पहुंचे। लेकिन कभी सर्वर की समस्या तो कभी अन्य कारणों का हवाला देकर बैंक कर्मियों ने उन्हें दोपहर 2 बजे तक इंतजार कराया। इसके बावजूद उनका भुगतान नहीं किया गया।
इस दौरान बादल मोहली के शिक्षक भाई अकलु मोहली बैंक कर्मियों के व्यवहार से काफी आहत और परेशान हो गए तथा बिना भुगतान लिए लौटने को विवश हो गए। अकलु मोहली ने बताया कि वह अपने दिव्यांग भाई की पूरी जिम्मेदारी निभाते हैं और उसी दिन अपनी गाड़ी से उन्हें बैंक लेकर आए थे। इसके बावजूद बैंक में उन्हें लंबी कतार में खड़ा कर दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने कैशियर अनिल रजक से शीघ्र भुगतान की अपील की, तो कैशियर ने पासबुक और विथड्रॉल स्लिप लौटाते हुए भुगतान से इनकार कर दिया और कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया।
मामले की जानकारी मिलने पर स्थानीय पत्रकार बैंक पहुंचे, जिसके बाद बैंक कर्मी सक्रिय हुए। पत्रकारों के हस्तक्षेप के बाद अंततः दिव्यांग व्यक्ति को उसकी पेंशन राशि का भुगतान किया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कैशियर अनिल रजक का व्यवहार पहले भी विवादों में रहा है। आरोप है कि वे अक्सर अपने काउंटर का कार्य छोड़कर अन्य गतिविधियों में व्यस्त रहते हैं, जिससे ग्राहकों को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ता है। लोगों ने सवाल उठाया है कि लगातार शिकायतों के बावजूद संबंधित कर्मचारी को लंबे समय से इसी शाखा में क्यों पदस्थापित रखा गया है।
स्थानीय नागरिकों ने बैंक प्रबंधन से मांग की है कि शाखा की कार्य व्यवस्था में सुधार किया जाए और विवादित कर्मचारियों का स्थानांतरण किया जाए, ताकि आम लोगों, विशेषकर बुजुर्गों और दिव्यांगों को भविष्य में परेशानी का सामना न करना पड़े।






















