कन्हैया कुमार ने सदाकत आश्रम से की घोषणा, कहा – बिहार के छात्रों को न्याय दिलाने का वक्त आ गया है
पटना, 14 मई 2025 – एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार ने आज पटना स्थित कांग्रेस प्रदेश कार्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित एक प्रेस वार्ता में घोषणा की कि 15 मई से बिहार में ‘शिक्षा न्याय संवाद’ कार्यक्रम की शुरुआत होगी। इस कार्यक्रम के तहत कांग्रेस शिक्षा, रोजगार और सामाजिक भागीदारी जैसे मुद्दों को लेकर बिहार के युवाओं से सीधा संवाद करेगी। इस अभियान की शुरुआत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खुद दरभंगा से करेंगे।
Highlights:
छात्रों से सीधा संवाद करेंगे राहुल गांधी, जानेंगे हकीकत
कन्हैया कुमार ने बताया कि राहुल गांधी बिहार के दरभंगा में छात्रों से सीधा संवाद करेंगे। इसके अलावा वे पटना के विभिन्न हॉस्टलों में जाकर एससी-एसटी छात्रों से मुलाकात कर उनकी शिक्षा और जीवन की वास्तविक स्थिति जानेंगे। राहुल गांधी जानना चाहेंगे कि सरकार के द्वारा जो वादे किए गए हैं — मुफ्त शिक्षा, आरक्षण, रोजगार — वे जमीनी स्तर पर कितने पूरे हो रहे हैं।
बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर कन्हैया कुमार का तीखा हमला
कन्हैया कुमार ने कहा कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट में है। उन्होंने बताया कि जहां तीन साल की डिग्री कोर्स को पूरा करने में 5-6 साल लग जाते हैं, वहीं शिक्षकों की भारी कमी भी एक बड़ा मुद्दा है। उन्होंने पूछा कि जब सरकार कहती है कि शिक्षा मुफ्त है, तो फिर छात्रों से अलग-अलग कॉलेजों में फीस क्यों वसूली जा रही है?
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 15 का हवाला देते हुए कहा कि अब वक्त आ गया है कि निजी क्षेत्र में भी आरक्षण को सुनिश्चित किया जाए।
रोजगार, पेपर लीक और खाली पदों पर भी उठाए सवाल
कन्हैया कुमार ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बिहार में 4.5 लाख सरकारी पद खाली हैं, लेकिन सरकार की प्राथमिकता छात्रों को रोजगार देने की बजाय कर्जदार बनाने की हो गई है। पेपर लीक की घटनाएं, भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी, और एससी-एसटी सबप्लान का दुरुपयोग जैसे मुद्दे सरकार की दलित और गरीब विरोधी मानसिकता को दर्शाते हैं।
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हर वर्ग के नौजवानों से होगा संवाद, न्याय की लड़ाई को जन-आंदोलन बनाएंगे
कार्यक्रम के अंतर्गत राहुल गांधी हर वर्ग के युवाओं से मिलेंगे, साक्षात्कार, संवाद और जमीनी सर्वे के माध्यम से उनकी समस्याओं को समझेंगे और इसका राजनीतिक समाधान तलाशेंगे। यह ‘शिक्षा न्याय संवाद’ सिर्फ एक अभियान नहीं बल्कि बिहार के युवाओं के हक और सम्मान की लड़ाई है।






















