जिप सदस्य और संवेदक के बीच निर्माण स्थल पर तीखी नोकझोंक
निरसा: निरसा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पंडरा मोड़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समीप DMFT फण्ड से BPHU भवन का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। हालांकि यह निर्माण कार्य शुरू से ही विवादों में घिरा रहा है। कभी एमपीएल के फ्लाई ऐश का उपयोग करते हुए सॉइल फिलिंग किए जाने का मामला सामने आया, तो कभी घटिया गुणवत्ता के ईंट और सरिया के इस्तेमाल को लेकर यह कार्य लगातार स्थानीय ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों के बीच चर्चा का विषय बना रहा ।
ग्रामीणों द्वारा इस संबंध में जानकारी दिए जाने के बाद क्षेत्र की जिप सदस्य दिपाली रूहीदास ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया कि यहां एमपीएल का फ्लाई ऐश बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है निर्माण कार्य में बांग्ला ईंट एवं फ्लाई ऐश ईंट का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही नीचे बनाए गए टाई बीम में किसी स्थानीय कंपनी के सरिया के इस्तेमाल होने की भी बात कही गई। जिप सदस्य द्वारा यह निरीक्षण लगभग दस दिन पूर्व भी किया गया था। निरीक्षण के बाद उन्होंने कार्य की खराब गुणवत्ता को देखते हुए विभाग को इसकी शिकायत की और निर्माण कार्य को मानकों के अनुरूप कराने का अनुरोध भी किया, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ और काम उसी प्रकार जारी रहा।
ग्रामीणों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मंगलवार को जिला परिषद सदस्य दोबारा निर्माण स्थल पर पहुंचीं और संवेदक से कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल किया और कार्य बंद करने की बात कही जिसपर संवेदक एवं जिप सदस्य के बीच ग्रामीणों एवं प्रशासन की मौजूदगी में तीखी नौँक झोंक भी होने लगी मीडिया से बातचीत में जिप सदस्य ने बताया कि जब उन्होंने संवेदक से इस विषय में पूछताछ की तो संवेदक भड़क गए और उन्हें अपशब्द कहने लगे संवेदक ने कथित तौर पर कहा कि उन्हें डीसी, डीडीसी, सीएम या पीएम—जिससे भी शिकायत करनी हो कर दें, उन्हें इस कार्य को बंद कराने का कोई अधिकार नहीं है और वे लोग यहां गलत मंशा से आए हैं।
जिप सदस्य ने आगे कहा कि उन्होंने संवेदक से यह भी पूछा कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई और कार्यस्थल पर शिलापट्ट क्यों नहीं लगाया गया, जिसमें योजना से जुड़ी सभी जानकारियां दर्ज होती हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि निर्माण कार्य में घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग क्यों किया जा रहा है।
इन सवालों पर संवेदक और अधिक आक्रोशित हो गए और कथित तौर पर अपनी पहुंच और पहचान का हवाला देने लगे। जिला परिषद सदस्य का आरोप है कि प्रशासन एवं ग्रामीणों की मौजूदगी में उनके साथ बदतमीजी की गई और अपशब्द भी कहे गए।उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर वह एमपीएल ओपी में लिखित शिकायत दर्ज कराएंगी और संबंधित विभाग से उक्त संवेदक को ब्लैकलिस्ट करने की मांग भी करेंगी।
वहीं इस मामले में संवेदक का पक्ष जानने के लिए जब उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कुछ भीकहने से साफ इंकार कर दिया।






















