Crude Oil Price: ग्लोबल क्रूड ऑयल मार्केट में सप्लाई बढ़ने और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास तनाव कम होने के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में और गिरावट आने की उम्मीद है। मार्केट एनालिस्ट का मानना है कि कमजोर ग्लोबल डिमांड और बढ़ती सप्लाई के कारण 2026 के आखिर तक ब्रेंट क्रूड की कीमतें गिरकर लगभग $60 प्रति बैरल तक आ सकती हैं।
Highlights:
होर्मुज में तनाव कम होने से तेल की सप्लाई बढ़ी
हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हालात सामान्य होने लगे हैं, जिससे ग्लोबल ऑयल सप्लाई को लेकर चिंताएं काफी कम हो गई हैं। साथ ही, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से क्रूड ऑयल का एक्सपोर्ट धीरे-धीरे सामान्य स्तर पर लौट रहा है। एनालिस्ट का कहना है कि बढ़ती सप्लाई और चीन जैसे बड़े बाजारों में अपेक्षाकृत कमजोर डिमांड के कारण ग्लोबल मार्केट में सप्लाई सरप्लस (मांग से अधिक सप्लाई) हो सकता है, जिससे कीमतें दबाव में रहेंगी।
ब्रेंट क्रूड के लिए एक्सपर्ट्स का क्या अनुमान है?
सिटीग्रुप की एक रिपोर्ट के अनुसार, जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने के कारण संघर्ष के दौरान ब्रेंट क्रूड को जो बढ़त मिली थी, वह काफी हद तक खत्म हो गई है। रिपोर्ट का अनुमान है कि अगर हालात सामान्य रहते हैं, तो साल के आखिर तक ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर लगभग $60 प्रति बैरल हो सकती है। इस बीच, मॉर्गन स्टेनली ने भी हाल के हफ्तों में क्रूड ऑयल की कीमतों के अपने अनुमान घटा दिए हैं, जिसकी वजह सप्लाई सरप्लस की संभावना है।
खाड़ी देशों से एक्सपोर्ट सामान्य स्तर के करीब
रिपोर्ट्स के अनुसार, सऊदी अरब ने अपने प्रमुख रास तनुरा टर्मिनल पर तेल की लोडिंग को संघर्ष से पहले के स्तर के लगभग 90 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। इसी तरह, संयुक्त अरब अमीरात ने भी अपने एक्सपोर्ट को पहले के स्तर पर बहाल कर दिया है। अनुमान है कि होर्मुज रूट से हर दिन 10 मिलियन बैरल से अधिक तेल की सप्लाई हो रही है, जिससे ग्लोबल मार्केट में इसकी उपलब्धता बढ़ रही है।
यह भी पढ़ें: IND vs ENG 2nd T20: मैनचेस्टर में आज दूसरा टी20, बारिश की चुनौती के बीच वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर नजर
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर क्या असर पड़ सकता है?
अगर इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतें गिरती रहती हैं, तो भारत पर भी इसका असर पड़ सकता है। इससे सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों को लागत का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, भविष्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत की संभावना पर भी चर्चा तेज हो सकती है। हालांकि, पेट्रोल और डीजल की रिटेल कीमतों में किसी भी बदलाव का अंतिम फैसला सरकार और तेल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा।






















