Dhanbad Cyber Crime: साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए धनबाद पुलिस ने साइबर शील्ड अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब के नेतृत्व में विशेष टीम ने टुंडी थाना क्षेत्र के भालपहाड़ी गांव में छापेमारी कर पांच कथित साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन लैपटॉप, 20 मोबाइल फोन, 16 एटीएम कार्ड, 23 बैंक पासबुक और विभिन्न बैंकों के 10 चेकबुक समेत कई दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद सामान की जांच कर साइबर अपराध के संभावित नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है। ग्रामीण एसपी ने गुरुवार को प्रेस वार्ता कर कार्रवाई की जानकारी दी।
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गुप्त सूचना पर भालपहाड़ी गांव में छापेमारी
ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने बताया कि जिले में साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर शील्ड नाम से विशेष अभियान शुरू किया गया है। पुलिस के मुताबिक, 14 अक्टूबर 2026 को सूचना मिली थी कि टुंडी थाना क्षेत्र के भालपहाड़ी गांव में कुछ लोग कथित तौर पर साइबर अपराध से जुड़ी किसी बड़ी वारदात की तैयारी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल गठित किया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने गांव में घेराबंदी कर छापेमारी की और पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। अभियान में 17 पुलिस पदाधिकारियों के साथ 80 महिला और पुरुष पुलिसकर्मी शामिल थे।

धनबाद, देवघर और कोडरमा के पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टुंडी थाना क्षेत्र के भालपहाड़ी निवासी राजू कुमार मंडल, उत्तम कुमार मंडल और अजीत कुमार मंडल के रूप में हुई है। इनके अलावा देवघर जिले के दिलीप कुमार मंडल और कोडरमा जिले के उमेश कुमार राणा को भी गिरफ्तार किया गया है। अलग-अलग जिलों के आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उनके आपसी संपर्क और संभावित साइबर अपराध नेटवर्क की जांच कर रही है। हालांकि, इस नेटवर्क में अन्य लोगों की संलिप्तता को लेकर जांच अभी जारी है।

लैपटॉप, 20 मोबाइल और बैंकिंग दस्तावेज बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंकिंग से जुड़े दस्तावेज जब्त किए। बरामद सामान में शामिल हैं:
- तीन लैपटॉप
- 20 स्मार्टफोन और कीपैड मोबाइल, जिनमें चार आईफोन शामिल हैं
- 16 एटीएम कार्ड
- चार पैन कार्ड और चार आधार कार्ड
- 23 बैंक पासबुक
- विभिन्न बैंकों के 10 चेकबुक
- एक ई-पॉस मशीन
- तीन आरसी बुक
- एक ग्रीन रेमिट कार्ड
पुलिस का कहना है कि इन उपकरणों और दस्तावेजों की जांच से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि इनका इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया गया था और क्या इनके जरिए दूसरे साइबर अपराधियों से संपर्क स्थापित किया गया था।
आईटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज
ग्रामीण एसपी के अनुसार, इस मामले में टुंडी थाना कांड संख्या 77/26 के तहत 15 अक्टूबर 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(C) और 66(D) लगाई गई हैं। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। साथ ही जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंकिंग दस्तावेजों की जांच के जरिए संभावित नेटवर्क तथा अन्य संदिग्धों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।






















