
निरसा:निरसा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत एगारकुण्ड प्रखंड के गोपालपुर पंचायत भवन के समीप स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। सेविका का चयन नहीं होने के कारण बीते लगभग तीन वर्षों से विकलांग सहायिका सबिता बाउरी ही सेविका और सहायिका—दोनों की जिम्मेदारी निभाने को मजबूर हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्व सेविका नमिता गोस्वामी के कथित मनमाने रवैये के खिलाफ ग्रामीणों ने संबंधित विभाग को लिखित शिकायत दी थी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि शिकायत के करीब तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक विभाग द्वारा नई सेविका के चयन की अनुमति नहीं दी गई।
इस लापरवाही का सीधा असर बच्चों पर पड़ रहा है। सेविका के अभाव में आंगनबाड़ी केंद्र को मिलने वाली पोषाहार की राशि भी बंद है। मजबूरी में सहायिका सबिता बाउरी अपने निजी खर्च से बच्चों के भोजन की व्यवस्था कर रही हैं। वे न सिर्फ बच्चों को पढ़ाती हैं, बल्कि बीच-बीच में रसोई जाकर उनके लिए भोजन भी स्वयं पकाती हैं।
विभाग की इस उदासीनता ने न केवल एक विकलांग महिला पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है, बल्कि आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़े मासूम बच्चों के भविष्य को भी अंधकार में धकेल दिया है।






















