पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को भारी पराजय झेलनी पड़ी, जहां राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को केवल 25 सीटें मिलीं। हार के एक दिन बाद ही RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार में बड़ा संकट खड़ा हो गया है। लालू की सबसे छोटी बेटी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की बहन रोहिणी आचार्य ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर राजनीति छोड़ने तथा परिवार से नाता तोड़ने की घोषणा कर दी।
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उनके इस कदम ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। यह उसी समय आया है जब RJD की हार को लेकर पहले से ही नेतृत्व और रणनीति पर सवाल उठ रहे थे।
रोहिणी की पोस्ट और विवाद की जड़
सिंगापुर में अपने पति रमीज आलम के साथ रहने वाली डॉक्टर रोहिणी ने अपने पोस्ट में लिखा:
“मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूं। मैं सारा दोष खुद पर ले रही हूं।”
सूत्रों का दावा है कि रोहिणी की नाराजगी का मुख्य कारण RJD के विद्रोही नेता संजय यादव पर कार्रवाई न होना है। रोहिणी ने उन पर तथा अपने पति रमीज पर चुनाव हार की साजिश रचने के आरोप लगाए थे। बताया जा रहा है कि संजय यादव के कहने पर ही उन्होंने यह कठोर निर्णय लिया।
रोहिणी वह बेटी हैं जिन्होंने 2020 में लालू प्रसाद को किडनी दान की थी। हाल ही के चुनाव अभियान में भी वे सक्रिय थीं, लेकिन अब परिवार और राजनीति दोनों से दूरी बनाने की घोषणा ने लालू परिवार की आंतरिक खींचतान को खुलकर सामने ला दिया है।
इससे पहले भी बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के पार्टी और परिवार से दूर जाने को लेकर विवाद चल रहा था, जिससे परिवारिक तनाव का संकेत मिलता रहा है।
चुनाव परिणाम का संदर्भ
- RJD-महागठबंधन: 243 में से केवल 25 सीटें
- NDA: बहुमत के साथ सरकार बनाने की स्थिति में
हार के बाद तेजस्वी यादव ने हार की नैतिक जिम्मेदारी ली थी, लेकिन परिवार की अंदरूनी कलह ने राजनीतिक स्थिति को और जटिल बना दिया है।





















