Eid-Ul-Azha – बकरीद 2025 में कोहेनूर की गूंज, भोपाल की मंडी में बकरों की होड़ में सबसे भारी और महंगा
Eid-Ul-Azha 2025 के मौके पर भोपाल का 174 किलो वजनी बकरा कोहेनूर बना बकरा बाजार की शान। लाखों की कीमत, रॉयल डाइट और आकर्षक कद-काठी ने इस कोहेनूर को सोशल मीडिया पर भी बना दिया सुपरस्टार।
Highlights:
बकरीद 2025 के बाजार में कोहेनूर की धूम
Eid-Ul-Azha नजदीक आते ही देशभर की मंडियों में रौनक बढ़ गई है, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा में है भोपाल का ‘कोहेनूर’। यह 174 किलो का भारी-भरकम बकरा न सिर्फ मंडी का शोस्टॉपर बन गया है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी सुर्खियां बटोर रहा है। ईद-उल-अजहा के इस खास मौके पर कोहेनूर ने खरीदारों के दिल में खास जगह बना ली है।
भोपाल मंडी में कोहेनूर बना आकर्षण का केंद्र
भोपाल के नदीम गोट फार्म का यह कोहेनूर नामक बकरा खास डाइट और शाही देखभाल से तैयार किया गया है। इसकी खुराक में काजू, बादाम, खजूर, सूखे मेवे और गर्मी से राहत देने के लिए एसी या कूलर का इंतजाम किया गया है। इसके चमकदार शरीर और घोड़े जैसी कद-काठी ने इसे Eid-Ul-Azha की तैयारियों में मंडी का हीरो बना दिया है।
यह भी पढ़े : IPL 2025: मिचेल स्टार्क ने क्यों नहीं की वापसी? खुद किया खुलासा
कोहेनूर की कीमत और खासियत
इस कोहेनूर का वजन 174 किलो है और इसे तैयार करने में लाखों रुपये खर्च किए गए हैं। नदीम गोट फार्म के संचालक के अनुसार इसकी कीमत करीब 16 लाख रुपये आंकी गई है। Eid-Ul-Azha जैसे पर्व पर इतने शानदार कोहेनूर को देखने देशभर से व्यापारी और खरीदार भोपाल की मंडी में पहुंच रहे हैं।
‘सोस’ और अन्य बकरों की भी हो रही चर्चा
कोहेनूर के अलावा भोपाल की मंडी में ‘सोस’ नामक बकरा भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह 80 किलो से ज्यादा वजनी है और इसकी कीमत ₹80,000 से ₹1.2 लाख तक लगाई जा रही है। यह तोतापरी नस्ल का बकरा अपनी चाल, बनावट और धार्मिक प्रतीकों के चलते Eid-Ul-Azha के बाजार में खास महत्व रखता है।
देशभर की मंडियों में मुकाबला
भोपाल के कोहेनूर की तरह दिल्ली, अजमेर, बरेली, अलीगढ़ और बुरहानपुर जैसे शहरों में भी बकरों की कीमत नस्ल, वजन और धार्मिक विशेषताओं पर निर्भर करती हैं। दिल्ली में ‘सिकंदर’ नामक 2 क्विंटल वजनी बकरा 3 लाख में बिक रहा है। Eid-Ul-Azha की कुर्बानी के लिए खरीदार अपनी पसंद का बकरा चुनने में लगे हैं।
कुर्बानी के लिए सही उम्र का होना ज़रूरी
Eid-Ul-Azha के दौरान कुर्बानी के लिए बकरा दो, चार या छह दांतों वाला होना चाहिए। इसके अलावा धार्मिक निशान, उम्र, सींगों की बनावट और कद-काठी जैसे मापदंडों पर ही बकरों की कीमत तय होती है। ऐसे में भोपाल का कोहेनूर इन सभी मानकों पर खरा उतरता है।





















