“सीने पर गोली खाकर तिरंगा ओढ़कर लौटे हमारे वीर सपूत”
पलामू(JHARKHAND):मनातू के केदल जंगल में टीएसपीसी उग्रवादियों से मुठभेड़ में शहीद हुए संतन मेहता और सुनील राम को आज मेदिनीनगर पुलिस लाइन में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
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इस मौके पर राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों समेत पलामू जिला प्रशासन और पुलिस के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे। पूरे परिसर में शोक और गर्व का भाव एक साथ दिखाई दिया।
झारखंड पुलिस को अपने शूरवीरों पर गर्व
दोनों जवानों ने सीने पर गोलियां खाकर मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए। जैसे ही शहीदों के पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटे पुलिस लाइन पहुंचे, वहां मौजूद हर आंख नम हो उठी।
“गर्व है संतन और सुनील जैसे वीरों पर, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया,” – एक अधिकारी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा।
नक्सलवाद के खात्मे का संकल्प
इस दुखद घटना के बाद पूरे पुलिस बल में आक्रोश और संकल्प की भावना देखी गई।
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि:
“अब वक़्त आ गया है कि टीएसपीसी कमांडर शशिकांत गंझू का भी वही हश्र हो, जो मनीष यादव और पप्पू लोहरा का हुआ था।
शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।”
लाल आतंक के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की तैयारी
इस मुठभेड़ ने एक बार फिर दिखा दिया कि झारखंड पुलिस नक्सलवाद के समूल नाश के लिए पूर्ण रूप से तैयार है।
जहां एक ओर शहीद परिवारों पर गम के बादल छाए हैं, वहीं दूसरी ओर पूरा राज्य इन वीर सपूतों पर गर्व महसूस कर रहा है।






















