संवाददाता, गिरिडीह: गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड अंतर्गत बालथरिया पंचायत में कार्यरत पंचायत सचिव सुखलाल महतो की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद परिजनों व ग्रामीणों द्वारा शुरू किया गया आंदोलन अंततः प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त कर दिया गया। बताया गया कि सुखलाल महतो ने 13 जून को डुमरी प्रखंड कार्यालय परिसर में सल्फास खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था। उन्हें इलाज के लिए पहले डुमरी रेफरल अस्पताल, फिर धनबाद और अंततः रांची रिम्स रेफर किया गया, जहां 15 जून की रात उनकी मौत हो गई।
मृतक सचिव द्वारा आत्महत्या से पहले सोशल मीडिया पर एक पत्र जारी कर विधायक को भेजा गया था, जिसमें उन्होंने डुमरी बीडीओ, PMAY कोऑर्डिनेटर, रोजगार सेवक और पंचायत मुखिया पति पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था। इस आधार पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मानसिक उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है।
इसके विरोध में रविवार रात को परिजनों ने शव को डुमरी प्रखंड कार्यालय के मुख्य द्वार पर रखकर आंदोलन शुरू कर दिया और चार सूत्रीय मांगें रखीं। सोमवार सुबह डुमरी विधायक जयराम महतो के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता हुई, जिसके बाद प्रशासन ने लिखित रूप से सभी मांगों को स्वीकार कर लिया।
प्रशासन ने आश्वासन दिया कि मृतक के परिजनों में से किसी एक को 15 दिनों के भीतर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। साथ ही मृतक की पत्नी को ग्रुप बीमा, उपार्जित अवकाश, भविष्य निधि और अन्य वित्तीय देनदारी का भुगतान भी तय समय सीमा में किया जाएगा। पारिवारिक पेंशन के लिए भी आवश्यक प्रक्रिया 15 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी।
डुमरी विधायक जयराम महतो की सक्रिय भूमिका आंदोलन को सुलझाने में अहम रही। उन्होंने ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका सिंह पांडे से फोन पर बात कर मृतक के परिवार को अतिरिक्त सहायता दिलाने की मांग की, जिस पर मंत्री ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। इस तरह प्रशासनिक सहमति के बाद आंदोलन समाप्त हुआ और शव को दाह संस्कार के लिए मृतक के पैतृक गांव कुलगो भेजा गया।






















