छात्रा से मोबाइल नंबर मांगने का प्रधानाध्यापक पर आरोप
Gopalganj School Principal Case: बिहार के गोपालगंज जिले के बरौली प्रखंड में एक प्रधानाध्यापक पर छात्रा से मोबाइल नंबर मांगने और नंबर नहीं देने पर परीक्षा में अंक काटने की धमकी देने का आरोप लगा है। मामले की जानकारी मिलने के बाद छात्रा के परिजन और ग्रामीण स्कूल पहुंचे, जहां प्रधानाध्यापक के साथ मारपीट की घटना सामने आई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला बरौली प्रखंड के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, बघेजी का बताया जा रहा है।
Highlights:
नंबर देने से इनकार करने पर अंक काटने की धमकी

मिली जानकारी के अनुसार, विद्यालय के प्रधानाध्यापक कथित तौर पर एक छात्रा पर मोबाइल नंबर देने का दबाव बना रहे थे। छात्रा ने जब नंबर देने से इनकार किया, तो प्रधानाध्यापक पर उसे परीक्षा में अंक काटने की धमकी देने का आरोप है। छात्रा ने कथित रूप से इस बात की जानकारी अपने परिवार को दी। इसके बाद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए तथा मामले को लेकर स्कूल परिसर पहुंच गए।
स्कूल पहुंचकर ग्रामीणों ने की प्रधानाध्यापक की पिटाई
छात्रा के परिजनों और ग्रामीणों के विद्यालय पहुंचने के बाद विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते लोगों ने प्रधानाध्यापक के साथ मारपीट शुरू कर दी। घटना के दौरान किसी व्यक्ति ने वीडियो बना लिया, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर साझा कर दिया गया। वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। हालांकि, वायरल वीडियो में दिख रही घटना और प्रधानाध्यापक पर लगाए गए आरोपों की पूरी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने 24 घंटे में जांच का दिया निर्देश
मामला सामने आने के बाद गोपालगंज के जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र पांडे ने संज्ञान लिया है। उन्होंने बरौली के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी को मामले की जांच कर 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद आरोपों की सत्यता और घटना की परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी। इसके आधार पर आगे प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
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जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
शिक्षा विभाग के निर्देश के बाद अब पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में छात्रा के आरोप, प्रधानाध्यापक का पक्ष, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और वायरल वीडियो समेत अन्य तथ्यों की समीक्षा की जा सकती है। फिलहाल प्रधानाध्यापक पर लगे आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में किसकी भूमिका क्या रही और आगे किस तरह की कार्रवाई की जाएगी।






















