GST Council 2026: 57वीं GST काउंसिल की बैठक में टैक्सपेयर्स और कारोबारियों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैठक के बाद बताया कि 10 हजार रुपये से कम टैक्स राशि के मामलों में GST डिमांड नोटिस नहीं भेजने का प्रस्ताव है। इसके अलावा GST के तहत गिरफ्तारी की शक्ति हटाने और अभियोजन की सीमा बढ़ाने की भी सिफारिश की गई है। हालांकि, इन प्रक्रिया संबंधी सुधारों को 1 अप्रैल 2027 से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
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10 हजार से कम टैक्स पर नहीं भेजा जाएगा डिमांड नोटिस
GST काउंसिल की बैठक के बाद वित्त मंत्री ने कहा कि 10 हजार रुपये से कम टैक्स राशि के लिए GST डिमांड नोटिस नहीं भेजा जाएगा। इसका उद्देश्य छोटे मामलों में टैक्स प्रशासन की प्रक्रिया को आसान बनाना और टैक्सपेयर्स पर अनावश्यक अनुपालन का बोझ कम करना है। इसके साथ ही सामान्य पेनल्टी को लेकर भी राहत का प्रस्ताव रखा गया है। मौजूदा 25 हजार रुपये की सामान्य पेनल्टी को घटाकर 10 हजार रुपये करने की सिफारिश की गई है।
GST गिरफ्तारी और अभियोजन की सीमा पर बड़ा प्रस्ताव
काउंसिल ने GST के तहत गिरफ्तारी की शक्ति हटाने की सिफारिश की है। इसके साथ ही अभियोजन के लिए टैक्स की सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है। यानी प्रस्ताव के मुताबिक 5 करोड़ रुपये से कम टैक्स राशि वाले मामलों में अभियोजन नहीं चलाया जाएगा। हालांकि, ये बदलाव लागू होने से पहले संबंधित प्रक्रिया पूरी की जानी है।
ITC को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं
बैठक में CGST Act की धारा 16(2)(c) में संशोधन को लेकर भी चर्चा हुई। मौजूदा व्यवस्था में सप्लाई चेन के किसी स्तर पर टैक्स जमा नहीं होने या फर्जी ITC का मामला सामने आने पर वास्तविक टैक्सपेयर का इनपुट टैक्स क्रेडिट प्रभावित हो सकता है। वित्त मंत्री के मुताबिक, कई मामलों में टैक्सपेयर के पास वैध इनवॉयस होती है, उसे माल या सेवा मिल चुकी होती है और वह सप्लायर को टैक्स का भुगतान भी कर चुका होता है। इसके बावजूद सप्लाई चेन के दूसरे स्तर पर गड़बड़ी मिलने पर उसका ITC प्रभावित हो सकता है। सरकार की ओर से प्रस्ताव था कि अनुपालन की जिम्मेदारी अंतिम टैक्सपेयर से ठीक पहले वाले सप्लायर तक सीमित की जाए। हालांकि, कुछ राज्यों ने इस पर और विचार की जरूरत बताई।
तीन महीने में रिपोर्ट देगी अधिकारियों की कमेटी
ITC से जुड़े इस मामले पर अधिकारियों की एक समिति गठित करने का फैसला लिया गया है। समिति को तीन महीने के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है। रिपोर्ट आने के बाद GST काउंसिल की बैठक में इस मुद्दे पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस विषय पर फिलहाल अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
GST प्रशासन में फेसलेस सिस्टम की तैयारी
वित्त मंत्री ने GST प्रशासन में फेसलेस व्यवस्था लागू करने की दिशा में भी पहल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग में लागू फेसलेस सिस्टम को टैक्सपेयर्स से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। इसी अनुभव के आधार पर CGST प्रशासन में भी फेसलेस सिस्टम को आगे बढ़ाने की योजना है। इसका उद्देश्य टैक्सपेयर्स और अधिकारियों के बीच प्रत्यक्ष संपर्क कम करना और प्रक्रिया को अधिक तकनीक आधारित बनाना है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह विषय 57वीं GST काउंसिल की बैठक के एजेंडे में शामिल नहीं था, बल्कि केंद्र सरकार की पहल के तौर पर इसकी घोषणा की गई है।
साल में एक बार GST दरों में बदलाव पर जोर
निर्मला सीतारमण ने कहा कि GST दरों में बदलाव साल में केवल एक बार करने का प्रयास किया जाएगा। दरों में बदलाव से जुड़े फैसले 1 अप्रैल से लागू करने की व्यवस्था पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य कारोबारियों और टैक्सपेयर्स को GST व्यवस्था में अधिक स्थिरता देना है। हालांकि, 57वीं GST काउंसिल की बैठक में GST दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया।
1 अप्रैल 2027 से लागू करने का लक्ष्य
वित्त मंत्री ने बताया कि बैठक के एजेंडे में शामिल लगभग सभी मुद्दों पर सहमति बनी है, जबकि दो मुद्दों पर आगे समीक्षा की जरूरत है। इन मामलों में अधिकारियों की कमेटी रिपोर्ट तैयार करेगी। प्रक्रिया से जुड़े सुधारों को 1 अप्रैल 2027 से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। GST दरों में इस बैठक में कोई बदलाव नहीं किया गया है।






















