निरसा: निरसा अनुमंडल अंतर्गत पंचेत ओपी क्षेत्र के कल्याण चक में आदिवासियों के पारंपरिक मुर्गा लड़ाई की आड़ में बड़े पैमाने पर झंडी-मुंडी का अवैध जुआ खेले जाने का मामला सामने आया है। मौके का नजारा देखने लायक था—कैमरा देखते ही जुआ संचालकों में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में झंडी-मुंडी का सामान व तिरपाल समेटे जाने लगे।
यह भगदड़ इस बात की ओर इशारा करती है कि खेल परंपरा के नाम पर नहीं, बल्कि कानून की आंखों में धूल झोंककर अवैध तरीके से चलाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अवैध खेल के कारण क्षेत्र में आए दिन मारपीट और खून-खराबे की घटनाएं हो रही हैं।
घनी आबादी के बीच इस तरह के जुए से लोगों में भारी आक्रोश है। दबी जुबान में लोगों का कहना है कि पढ़ने-लिखने वाले बच्चे भी “दस लगाओ-बीस पाओ” के चक्कर में पढ़ाई से दूर होते जा रहे हैं। साथ ही किसी भी समय अप्रिय घटना होने की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह खेल लगातार संचालित हो रहा है—पंचेत ओपी क्षेत्र में 14 दिनों तक और गलफरबाड़ी ओपी क्षेत्र में 16 दिनों तक यह जुआ बेखौफ चलता है। दैनिक मजदूर इसमें अपनी गाढ़ी कमाई गंवा रहे हैं।
वहीं, पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर पुलिस का कहना है कि मुर्गा लड़ाई आदिवासियों का पारंपरिक खेल है और इसे रोका नहीं जा सकता, लेकिन जुए के इस अवैध रूप पर कार्रवाई नहीं होने से लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।






















