रांची : मंगलवार को झारखंड बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक चली। इस दौरान केवल प्रो. आदित्य साहू ने ही नामांकन दाखिल किया। एकमात्र उम्मीदवार होने के कारण उनका निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष चुना जाना लगभग तय है, ऐसे में चुनाव की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला केंद्रीय नेतृत्व की सहमति से लिया गया है और इसकी जानकारी झारखंड बीजेपी के शीर्ष नेताओं को दे दी गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रो. आदित्य साहू को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के पीछे ओबीसी और वैश्य वोट बैंक को साधने की रणनीति अहम भूमिका निभा रही है।
प्रदेश अध्यक्ष पद के साथ-साथ मंगलवार को झारखंड से राष्ट्रीय परिषद के 21 सदस्यों के लिए भी नामांकन दाखिल किए गए। पार्टी नियमों के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष स्वतः राष्ट्रीय परिषद के सदस्य होते हैं।
प्रो. आदित्य साहू का राजनीतिक और सामाजिक सफर भी काफी अहम रहा है। वे वैश्य समुदाय से आते हैं और पार्टी संगठन में उपाध्यक्ष, महामंत्री और कार्यकारी अध्यक्ष जैसे कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वर्तमान में वे झारखंड बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष हैं।
61 वर्षीय प्रो. आदित्य साहू लंबे समय तक शिक्षा जगत से जुड़े रहे हैं। वर्ष 2019 तक राम टहल चौधरी कॉलेज में व्याख्याता के रूप में कार्य करने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में पूरी तरह कदम रखा। जुलाई 2022 में वे राज्यसभा सांसद चुने गए।






















