केन्दुआडीह: लगातार गैस रिसाव की घटनाओं से केन्दुआडीह क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। नया धौड़ा के ग्रामीणों का गुस्सा एक बार फिर फूट पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गैस रिसाव रोकने के लिए जो बोरहोल किया गया था, उसकी गहराई मात्र नौ फीट ही है। ऐसे में उस स्थिति में नाइट्रोजन फिलिंग कैसे प्रभावी ढंग से की जा सकती है, यह बड़ा सवाल है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब धनबाद के एसडीएम प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने पहुंचे थे, तब बीसीसीएल के अधिकारियों ने प्रभावित ग्रामीणों को उनसे मिलने नहीं दिया। इतना ही नहीं, नाइट्रोजन फिलिंग भी सही तरीके से नहीं की गई और फिलिंग की गाड़ी को वहां से वापस ले जाया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि फिलिंग से जुड़ा कुछ सामान अब भी मौके पर पड़ा हुआ है, जिसे उन्होंने रोककर रखा है। ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक यहां सही और पूरी तरह से नाइट्रोजन फिलिंग नहीं की जाती, तब तक बोरहोल से जुड़ा कोई भी सामान यहां से जाने नहीं दिया जाएगा।
ग्रामीणों में लगातार बढ़ते खतरे को लेकर भारी आक्रोश है और वे प्रशासन व बीसीसीएल से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।






















