निरसा: गोपालगंज के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं की कमी के आरोपों को लेकर अभिभावकों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने स्कूल में पानी और बिजली की समस्याओं पर असंतोष जताया और मामले की प्रशासनिक जांच की मांग की।
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पानी और बिजली की सुविधाओं को लेकर अभिभावकों की चिंताएं
विरोध कर रहे अभिभावकों का आरोप है कि छात्राओं को पीने का पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में पानी की कमी के कारण छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल में बिजली की आपूर्ति अनियमित है। उनका दावा है कि छात्राओं को अक्सर बिना बिजली के रहना पड़ता है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।
ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) को लेकर दबाव के आरोप
अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन उन पर अपनी बेटियों के लिए ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) लेने का दबाव बना रहा है। उन्होंने मामले की गहन जांच और उचित कार्रवाई की मांग की। अभिभावकों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से अपील की है कि वे स्कूल की समस्याओं का जल्द समाधान करें और छात्राओं के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करें।
छात्रा ने अपनी परेशानियां बताईं; स्कूल प्रबंधन ने आरोपों को नकारा
इस बीच, 9वीं कक्षा की छात्रा लक्ष्मी गोराई स्कूल के बारे में बात करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि पानी की कमी है और छात्राओं से रोटियां बनवाई जाती हैं। दूसरी ओर, स्कूल की कार्यवाहक प्रधानाचार्या सबा निशा ने अभिभावकों के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन पूरी जिम्मेदारी के साथ छात्राओं का ध्यान रखता है। प्रधानाचार्या ने बताया कि छात्राओं से हफ्ते में दो बार रोटियां बनवाई जाती हैं, जो एक निर्धारित गतिविधि का हिस्सा है। इसका मकसद उन्हें व्यावहारिक जीवन कौशल से परिचित कराना है।

आरोपों और स्पष्टीकरणों के बीच अब जांच पर ध्यान
फिलहाल, अभिभावकों और स्कूल प्रशासन के विरोधाभासी दावों के कारण गोपालगंज के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की स्थिति चर्चा का विषय बन गई है। अब सबकी नजरें शिक्षा विभाग और प्रशासन द्वारा की जाने वाली जांच पर टिकी हैं।






















