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निरसा(NIRSA): पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत एमपीएल (MPL) में कार्यरत श्रमिकों ने 10 सूत्री मांगों को लेकर एमपीएल कामगार यूनियन के बैनर तले शनिवार को सभी गेटों को पूरी तरह बंद कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन में निरसा विधायक अरुप चटर्जी और निरसा हाइवा परिवहन स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड के सचिव समेत कई अन्य सदस्यों ने भी हिस्सा लिया और श्रमिकों के समर्थन में खड़े हुए।
10 सूत्री मांगों को लेकर प्रबंधन से नाराज
यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले दिनों एमपीएल प्रबंधन को एक 10 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया था, लेकिन अब तक प्रबंधन की ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। इससे श्रमिकों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
“तानाशाही रवैये के खिलाफ लड़ाई”
कामगारों ने एमपीएल प्रबंधन पर तानाशाही रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि:
“हम तब तक गेट नहीं खोलेंगे जब तक हमारी मांगों पर ठोस कार्यवाही नहीं की जाती।”
बातचीत बेनतीजा, प्रदर्शन जारी
हालांकि, प्रबंधन की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया गया, लेकिन श्रमिकों के अनुसार वह वार्ता भी बेनतीजा रही। इसके चलते गेट जाम और विरोध प्रदर्शन जारी है।
मुख्य मांगे (संक्षेप में):
- नियमितीकरण की प्रक्रिया में तेजी
- न्यूनतम वेतन की गारंटी
- ठेका प्रथा समाप्त करना
- सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना
- स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों का पालन
(अन्य मांगे यूनियन के ज्ञापन में शामिल)
विधायक अरुप चटर्जी का बयान:
निरसा विधायक अरुप चटर्जी ने मौके पर पहुंचकर कहा:
“कामगारों की मांगें पूरी तरह जायज़ हैं। प्रबंधन को चाहिए कि वह मजदूरों की आवाज़ सुने और उनके हित में निर्णय ले।”






















