राँची : रांची के मध्यस्थता केंद्र में ऐसा पल आया, जिसने यह साबित कर दिया कि रिश्तों में प्यार और समझ का हमेशा महत्व होता है। गुलअफसा परवीन और इमरान हवारी, जो पिछले एक साल से अलग रह रहे थे, अब फिर से एक-दूसरे के करीब आए। मामला चुटिया थाना कांड संख्या 174/2025 से जुड़ा था। दोनों के बीच बढ़ती खटपट और मन-मुटाव ने परिवार में उदासी फैला दी थी।
डालसा सचिव के निर्देश पर संवेदनशील पहल
डालसा सचिव रवि कुमार भास्कर के निर्देश पर यह मामला अधिवक्ता मध्यस्थ ममता श्रीवास्तव को सौंपा गया। उन्होंने दोनों पक्षों के साथ घंटों बैठकर बातचीत की, हर समस्या और तकलीफ को समझा। उनके धैर्य और संवेदनशील दृष्टिकोण ने पति-पत्नी के बीच एक पुल बनाने का काम किया। साथ ही दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं… आरिफ इमाम और कुणाल श्रीवास्तव के सहयोग से मामला सुलझा।
दूरियां मिटीं, मुस्कान लौट आई
मध्यस्थता के दौरान गुलअफसा और इमरान ने अपने पुराने मतभेद और गिले-शिकवे भुला दिए। धीरे-धीरे वे फिर से एक साथ रहने के लिए तैयार हो गए। यह पुनर्मिलन केवल कानूनी रूप से नहीं, बल्कि भावनाओं के स्तर पर भी दोनों के लिए नई शुरुआत साबित हुआ। पति ने पत्नी को पूरा सम्मान देने और उसके सभी खर्चों को वहन करने की शपथ ली।
मध्यस्थता की ताकत
डालसा सचिव रवि कुमार भास्कर ने दोनों को शुभकामनाएं दीं और भविष्य में किसी कलह या नया वाद न करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता सिर्फ कानून का औजार नहीं बल्कि रिश्तों को बचाने का इंसानी तरीका भी है।





















