रांची:झारखंड के युवाओं और छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का एक प्रतिनिधिमंडल आज रांची स्थित लोक भवन में महामहिम राज्यपाल से मिला। यह प्रतिनिधिमंडल राजद नेता रंजन कुमार यादव के नेतृत्व में पहुँचा, जहाँ युवाओं और छात्रों की समस्याओं को लेकर पाँच सूत्री मांग पत्र सौंपा गया।
मुलाक़ात के बाद राजद नेता संजय यादव ने मीडिया को बताया कि राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों को गंभीरता से सुना और उन पर विचार करने का आश्वासन दिया है। राजद नेताओं का कहना है कि झारखंड के छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा और परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके अभ्यर्थी—सभी वर्तमान नीतियों और व्यवस्थाओं से प्रभावित हैं, जिससे उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है।
प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपे गए पाँच सूत्री मांग पत्र में प्रमुख रूप से शामिल हैं—
पहली मांग:
प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल छात्रों को परीक्षा केंद्र तक आने-जाने के किराए में छूट या पूरी तरह माफी दी जाए, ताकि दूर-दराज़ इलाकों से आने वाले छात्रों पर आर्थिक बोझ न पड़े।
दूसरी मांग:
छात्रवृत्ति के भुगतान में हो रही देरी को समाप्त किया जाए। कमजोर और वंचित वर्ग के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति जीवनरेखा है, लेकिन समय पर भुगतान न होने से कई छात्र पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
तीसरी मांग:
कॉलेजों में ली जा रही अतिरिक्त फीस पर रोक लगाई जाए। वाई-फाई और स्पोर्ट्स फीस उन छात्रों से भी ली जा रही है, जिन्हें इन सुविधाओं का कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
चौथी मांग:
डीएसपी समेत अन्य शिक्षण संस्थानों में हाल ही में की गई फीस वृद्धि को वापस लिया जाए। छात्रों का कहना है कि यह बढ़ोतरी गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है।
पाँचवीं मांग:
सेना भर्ती प्रक्रिया को जिला स्तर पर फिर से शुरू किया जाए। पहले प्रत्येक जिला मुख्यालय में भर्ती कैंप लगते थे, लेकिन अब राजधानी में केंद्रीकृत व्यवस्था होने से युवाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई युवा भर्ती प्रक्रिया के दौरान सड़कों पर रात बिताने को मजबूर हैं।






















