झारखंड:पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत आज विश्व आदिवासी दिवस के शुभ अवसर पर सोनोत संथाल समाज केंद्रीय समिति के नेतृत्व में केंद्रीय कार्यालय प्रांगण (दिशोम जाहेर थान) में समाज के संरक्षक, झारखंड राज्य के निर्माता एवं आदिवासी समाज के मसीहा भगवान दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
Highlights:
सभा की अध्यक्षता अनिल कुमार टुडू ने की। सर्वप्रथम केंद्रीय सचिव अनिल कुमार टुडू, दिशोम नायकी नरेश कुमार टुडू एवं केंद्रीय संयोजक रमेश टुडू ने गुरुजी की आदमकद तस्वीर पर माल्यार्पण कर नमन किया।
भावुक श्रद्धांजलि सभा
सभा में वक्ताओं ने कहा कि यह दिन, जो आदिवासियों का पर्व है, आज गहरा शोक लेकर आया है। दिनांक 04 अगस्त 2025 को हमारे संरक्षक, मार्गदर्शक और संघर्षशील नेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन हमारे बीच नहीं रहे।
“आज हमारा समाज अनाथ हो गया है। हम जिस शक्ति से अन्याय के विरुद्ध लड़ते थे, वो आवाज़ आज खामोश हो गई है।”
समाज के बुजुर्गों ने गुरुजी के साथ बिताए संघर्षमय दिनों को याद किया और उनकी दूरदर्शिता, सादगी एवं बलिदानों को नमन किया।
सभा में निम्नलिखित तीन प्रमुख प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए:
- शिबू सोरेन को “भगवान दिशोम गुरु शिबू सोरेन” के नाम से संबोधित किया जाए, जैसे भगवान बिरसा मुंडा को किया जाता है।
- भारत सरकार से मांग की गई कि आदिवासी समाज के लिए जीवन समर्पित करने वाले गुरुजी को “भारत रत्न” से सम्मानित किया जाए।
- गुरुजी की स्मृति में 16 अगस्त 2025 को, दस कर्म के दूसरे दिन, सभी प्रखंडों में खिचड़ी भोज का आयोजन कर बच्चों को गुरुजी के नाम पर खिचड़ी खिलाने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रमुख नेताओं एवं सदस्यों ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:
रमेश टुडू, अनिल कुमार टुडू, नरेश टुडू, कालीचरण हेम्ब्रम, रूपलाल किस्कू, कालीपद हांसदा, शिबू मुर्मू, अबीलाल मुर्मू, हेमलाल टुडू, अंजय हांसदा, गुरु चरण बास्की, किशोर मुर्मू, बलियापुर प्रखंड अध्यक्ष राजेन्द्र किस्कू, एगारकुंड से गोपीन टुडू, बाघमारा से मनमोहन टुडू, ज्योति लाल मुर्मू, जीवन टुडू, अलसा सोरेन, बिरजू सोरेन, लखन टुडू, छुट्टू लाल सोरेन, और सैकड़ों महिला-पुरुष उपस्थित रहे।





















