हाथ में AK-47 लेकर दी थी पुलिस को खुली चुनौती, हाल ही में हजारीबाग में की थी फायरिंग
झारखंड: झारखंड और बिहार की पुलिस के लिए सिरदर्द बना कुख्यात अपराधी उत्तम यादव आखिरकार चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र में हुए एक पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। बिहार सरकार द्वारा ₹50,000 का इनामी घोषित किया गया यह अपराधी बीते कई महीनों से खुलेआम अपराध कर रहा था और पुलिस को खुली चुनौती देता फिर रहा था।
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एनकाउंटर की पुष्टि, लेकिन चुप हैं अधिकारी
मिली जानकारी के अनुसार, बगरा मार्ग पर हजारीबाग पुलिस के साथ मुठभेड़ में उत्तम यादव को ढेर किया गया। चतरा पुलिस की टीम शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंची है। हालांकि, पुलिस अधिकारी अभी औपचारिक पुष्टि करने से बच रहे हैं।
सदर अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार उत्तम यादव के छाती, पेट और जांघ में गोली लगी थी। पोस्टमार्टम प्रक्रिया के लिए दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति और उपायुक्त की अनुमति मांगी गई है। संभावना है कि देर रात तक पोस्टमार्टम पूरा कर लिया जाएगा।
टाइगर ग्रुप का सरगना था उत्तम यादव
बताया जा रहा है कि उत्तम यादव “टाइगर ग्रुप” नामक एक संगठित गिरोह का संचालन करता था, जो झारखंड-बिहार के चतरा, हजारीबाग समेत कई जिलों में रंगदारी, हथियार तस्करी और व्यापारियों से लेवी वसूली जैसी गतिविधियों में लिप्त था।
AK-47 के साथ वीडियो वायरल कर दी थी धमकी
दो माह पूर्व उत्तम यादव ने एक वीडियो जारी कर पुलिस और प्रशासन को खुली चुनौती दी थी। वीडियो में वह AK-47 लिए हुए नजर आया, और चतरा व हजारीबाग जिले के व्यापारियों को धमकी दी थी कि वे उसी से संपर्क कर व्यवसाय करें, अन्यथा अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें।
हजारीबाग में ज्वेलरी शॉप पर की थी फायरिंग
बीते माह हजारीबाग शहर में एक स्वर्ण व्यवसायी की दुकान पर उत्तम यादव के गुर्गों ने दिनदहाड़े फायरिंग कर सनसनी फैला दी थी। इसके बाद से ही उत्तम यादव पुलिस के रडार पर आ गया था और उसके खिलाफ लगातार छापेमारी की जा रही थी।
कई थानों में दर्ज हैं मामले
उत्तम यादव के खिलाफ झारखंड और बिहार के अनेक थानों में संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इस एनकाउंटर की छानबीन कर रही है, और उसके गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।






















