झरिया: झरिया में गुरुवार को उस वक्त हालात तनावपूर्ण हो गए जब बीसीसीएल एरिया संख्या-10 अंतर्गत एंटी एसटी विभागीय परियोजना का रास्ता काटे जाने को लेकर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। रास्ता अवरुद्ध होने से नाराज बीसीसीएल के अधिकारी और कर्मचारियों ने प्रबंधन एवं आउटसोर्सिंग कंपनी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
इसी दौरान आउटसोर्सिंग प्रबंधन के समर्थकों द्वारा बीसीसीएल अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट की घटना सामने आई, जिसके बाद माहौल और भी गर्म हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक संजीव सिंह एंटी एसटी विभागीय परियोजना के माइंस पहुंचे और तीखा बयान देते हुए कहा कि
“भले ही कोई उनके गांव या रिश्तेदारी का ही क्यों न हो, लेकिन गांव की रिश्तेदारी गांव तक ही सीमित रहेगी। झरिया को उजाड़कर धनबाद में राजनीति करने की सोच किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दी जाएगी।”
संजीव सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि झरिया की जनता के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग निजी स्वार्थ और राजनीतिक लाभ के लिए झरिया क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने की साजिश कर रहे हैं, जिसे झरिया की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि रंगदारी, दबंगई और अवैध हस्तक्षेप की राजनीति को हर हाल में खत्म कराया जाएगा।
वहीं झरिया विधायक रागिनी सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचीं और आउटसोर्सिंग प्रबंधन के समर्थकों द्वारा बीसीसीएल अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ की गई कथित पिटाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि मजदूरों और अधिकारियों पर हमला किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
पूर्व विधायक संजीव सिंह ने विभागीय कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि झरिया की पहचान, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए वे सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करते रहेंगे।
घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। बीसीसीएल के अधिकारी और कर्मचारी जिला प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।






















