झारखंड: झारखंड में इन दिनों बच्चा चोरी की घटनाओं को लेकर दहशत का माहौल बना हुआ है। हाल ही में रांची से अपहृत अंश-अंशिका की बरामदगी के बाद यह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि धनबाद जिले के बाघमारा थाना क्षेत्र से एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है।
Highlights:
बस स्टैंड पर दिनदहाड़े हंगामा
बाघमारा थाना क्षेत्र के इंदिरा चौक बस स्टैंड में दिनदहाड़े एक 9 वर्षीय बच्चे को संदिग्ध महिला द्वारा उसकी असली मां से छीनकर ले जाने का प्रयास किया गया।
संदिग्ध महिला बच्चे को अपना बेटा बताकर भीड़ को गुमराह करने लगी, जबकि असली मां लगातार बच्चे पर अपना अधिकार जता रही थी। दोनों महिलाओं के बीच बहस और धक्का-मुक्की देख मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और हंगामा शुरू हो गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों महिलाओं व बच्चे को बाघमारा थाना ले आई।
घटना की जानकारी मिलने पर बच्चे की असली मां के परिजन भी थाना पहुंच गए।
दस्तावेज जांच के बाद बच्चे को मां को सौंपा
बच्चे की मां रेवती देवी ने अपने बेटे रियौन राज का आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज पुलिस को उपलब्ध कराए।
जांच के बाद पुलिस ने बच्चे को उसकी असली मां को सौंप दिया।
संदिग्ध महिला हिरासत में
वहीं संदिग्ध महिला को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। महिला को मेडिकल जांच के लिए भी भेजा गया है।
घटना की जानकारी फैलते ही थाना परिसर में लोगों की भीड़ जुटने लगी।
मां की आपबीती
बच्चे की मां ने बताया कि उनका ससुराल जोड़ापोखर है और वे अपने मायके बोकारो जिले के करमाटांड़ जा रही थीं।
वे जोड़ापोखर से खानूडीह स्टेशन पहुंचीं और वहां से बाघमारा बस स्टैंड से ऑटो में बेटे के साथ सवार हुईं। इसी दौरान एक महिला ने उनके बेटे को अपना बेटा बताकर जबरन छीनने की कोशिश की, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की।
हंगामा देखकर लोग जमा हो गए, जिससे महिला अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सकी।
बच्चे ने बताया डरावना अनुभव
9 वर्षीय रियौन राज ने बताया कि वह अपनी मां के साथ मामा के घर जा रहा था, तभी एक महिला जबरन उसे ले जाने लगी।
उसने कहा कि वह बहुत डर गया था।
पुलिस का बयान
बाघमारा थाना प्रभारी ने बताया कि इंदिरा चौक बस स्टैंड से बच्चा चोरी की सूचना मिली थी।
सूचना मिलने पर दोनों महिलाओं और बच्चे को थाना लाकर पूछताछ की गई।
बच्चे की मां द्वारा आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने के बाद बच्चे को उसे सौंप दिया गया है।
संदिग्ध महिला की पहचान की जा रही है। प्राथमिक तौर पर महिला विक्षिप्त प्रतीत हो रही है, इसलिए उसे मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। मामले की जानकारी वरीय अधिकारियों को दे दी गई है।






















