जमुआ: गिरिडीह जिले के जमुआ में आज गुरुवार को जननायक रीतलाल प्रसाद वर्मा की 22वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के छोटे-बड़े नेता, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
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राजनीतिक और सामाजिक योगदान को किया गया याद
रीतलाल प्रसाद वर्मा का 19 नवंबर 2002 को 66 वर्ष की आयु में आकस्मिक निधन हो गया था। वे भारतीय जनता पार्टी से अलग होने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा में शामिल हुए थे और वहां केंद्रीय उपाध्यक्ष के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
उनके निधन पर आयोजित अंतिम यात्रा में झामुमो सुप्रीमो स्वर्गीय शिबू सोरेन और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव स्वयं उपस्थित हुए थे। रीतलाल प्रसाद वर्मा को राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन किया गया था।
विकास कार्यों की विरासत
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि रीतलाल प्रसाद वर्मा ने झारखंड के विकास में अहम भूमिका निभाई।
बताया गया कि उनके प्रयासों से
गिरिडीह से रांची रेल लाइन (कोडरमा–हजारीबाग मार्ग) को गति मिली,
सैकड़ों उच्च विद्यालय,
दर्जनों कॉलेज,
और सैकड़ों बैंक शाखाओं की स्थापना संभव हो सकी।
सादगी और ईमानदारी की मिसाल
वक्ताओं ने कहा कि रीतलाल प्रसाद वर्मा अपने पीछे सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रीय पहचान की बड़ी विरासत छोड़ गए हैं। यह विरासत आज उनके पुत्र प्रणव वर्मा के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जिनसे उम्मीद की जा रही है कि वे अपने पिता के सिद्धांतों और विचारों को आगे बढ़ाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान यह भी कहा गया कि झारखंड के लोकप्रिय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चल रहे विकास कार्यों से कदम से कदम मिलाकर चलने और झारखंड के हर जिले से समर्थकों को जोड़ने की आवश्यकता है।






















