रांची: राजधानी रांची में आज नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भाजपा के मुख्य कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य की पुलिस व्यवस्था और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
Highlights:
ED कार्यालय से जुड़े मामले पर बयान
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि ईडी कार्यालय से जुड़े एक मामले में संतोष कुमार नामक व्यक्ति को 20 करोड़ रुपये के जल आपूर्ति घोटाले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह तय तिथि पर उपस्थित नहीं हुए।
उन्होंने बताया कि संतोष कुमार अब यह कह रहे हैं कि वे सोमवार को उपस्थित होकर बयान देंगे, जबकि पहले दिए गए अपने बयान से वे पलटते नजर आ रहे हैं।
इसके साथ ही उन्होंने तदाशा मिश्रा की नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाए।
बच्चों की बरामदगी पर पुलिस की भूमिका पर सवाल
बच्चों की बरामदगी के मामले को लेकर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पुलिस ने स्वयं स्वीकार किया है कि 8 तारीख तक बच्चे आसपास के इलाके में ही रखे गए थे, इसके बावजूद पुलिस को इसकी जानकारी नहीं थी।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस पूरे मामले का श्रेय पुलिस प्रशासन को नहीं दिया जा सकता।
समाजसेवियों और मीडिया को दिया श्रेय
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि बच्चों की बरामदगी का श्रेय समाजसेवियों, मीडिया और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को जाना चाहिए, जिनके दबाव में आकर पुलिस ने कार्रवाई की।
उन्होंने कहा कि डब्ल्यू साहू, सचिन और उनके साथियों को इस सफलता का श्रेय मिलना चाहिए।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि पुलिस की कार्रवाई समय पर और सक्रिय होती, तो बच्चों को बहुत पहले ही बरामद कर लिया जाता।
उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को सबसे पहले बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए था और काउंसलिंग के बाद परिजनों को सौंपा जाना चाहिए था, लेकिन पुलिस ने अपनी उपलब्धि दिखाने के लिए बच्चों को सीधे मीडिया के सामने पेश किया।
DGP और ACB पर भी निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बाबूलाल मरांडी ने राज्य के डीजीपी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें कानून की पूरी जानकारी नहीं है।
वहीं एसीबी (ACB) को लेकर भी उन्होंने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विनय चौबे मामले में एसीबी ने 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं की, जिसके कारण आरोपी को जमानत मिल गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि एसीबी जानबूझकर चार्जशीट दाखिल करने में देरी कर रही है, ताकि अपराधियों को आसानी से जमानत मिल सके।






















