छपरा: अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य, विशेष रूप से अमेरिका–ईरान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति को लेकर लोगों में आशंका बनी हुई है। इसी के चलते गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ देखी जा रही है।
हालांकि, सारण जिला प्रशासन ने स्थिति को पूरी तरह सामान्य बताया है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी कमर आलम ने प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि जिले में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से पैनिक या स्टॉकिंग से बचें।
उन्होंने बताया कि सारण जिले में कुल 69 गैस एजेंसियां संचालित हैं, जहां लगभग 8 लाख से अधिक उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। प्रतिदिन औसतन 13,795 सिलेंडरों की बिक्री हो रही है। वर्तमान में जिले में 17,318 एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध हैं, जबकि 15,543 सिलेंडर ट्रांजिट में हैं। इस प्रकार कुल 32,861 सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध है।
प्रशासन ने निगरानी को और सख्त करते हुए सभी गैस एजेंसियों पर नजर रखने के लिए 69 दंडाधिकारी और 69 पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की है। कालाबाजारी और घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग के मामलों में अब तक तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
वहीं, जिले में कुल 130 पेट्रोल पंप संचालित हैं। 17 मार्च तक जिले में 970.41 किलोलीटर पेट्रोल और 1362.64 किलोलीटर डीजल उपलब्ध है।
एसडीएम नितेश कुमार ने भी स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी तरह की कमी नहीं है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है और सभी आवश्यक पेट्रोलियम पदार्थ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। साथ ही, कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है।





















