झरिया: बस्ताकोला क्षेत्र के राजापुर परियोजना कोयला फेस में पिछले करीब एक वर्ष से जमा पानी को लेकर बीसीसीएल प्रबंधन पर अब सख्ती शुरू हो गई है।आज सोमवार को बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और जल निकासी कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है।सीएमडी इस दौरान कई त्रुटिपूर्ण गतिविधियों को लेकर गंभीर देखे है।और प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए है।बताया गया कि बस्ताकोला क्षेत्र अंतर्गत राजापुर परियोजना के कोयला फेस में लंबे समय से जमा पानी की समस्या को लेकर बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल परियोजना व्यू प्वाइंट पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जल निकासी की धीमी गति पर उन्होंने स्थानीय प्रबंधन को कड़ी नाराजगी जताई।सीएमडी ने स्पष्ट कहा कि अगर इसी रफ्तार से पानी निकासी होती रही तो समस्या खत्म होने में कई वर्ष लग जाएंगे। उन्होंने तुरंत अतिरिक्त पंप लगाने और युद्धस्तर पर पानी निकासी कार्य तेज करने का निर्देश दिया।उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि एक साल से चल रहे प्रयासों के बावजूद पानी कम होने के बजाय बढ़ कैसे गया। सीएमडी ने चेतावनी दी कि आने वाले मानसून में स्थिति और गंभीर हो सकती है, इसलिए समय रहते ठोस कार्रवाई जरूरी है।स्थानीय प्रबंधन ने बताया कि परियोजना के समीप बहने वाली चटकारी नदी का पानी लगातार माइन क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है, जिससे जल निकासी में परेशानी हो रही है। वहीं देवप्रभा आउटसोर्सिंग के निदेशक लाल बाबू सिंह भी निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे। उन्होंने चटकारी जोरिया की मरम्मत कर पानी का डायवर्सन करने का सुझाव दिया।अधिकारियों ने भूमिगत कोयला उत्पादन क्षेत्र के नक्शे के आधार पर तकनीकी पहल करने की बात कही। सीएमडी मनोज अग्रवाल ने निर्देश दिया कि चटकारी जोरिया का डायवर्सन होने के बाद राजापुर समेत आसपास की परियोजनाओं में दोबारा पानी प्रवेश न हो, इसकी स्थायी व्यवस्था की जाए।उन्होंने भविष्य में इस माइन को मेगा प्रोजेक्ट के रूप में विकसित कर अधिकतम कोयला उत्पादन बढ़ाने की भी बात कही है।






















