निरसा: क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के पौत्र अमित आजाद मंगलवार को निरसा स्थित बैजना पंचायत सचिवालय में महर्षि दयानंद गुरुकुल द्वारा समाज के कार्यक्रम में पहुंचे उनके आगमन पर निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने स्वागत किया। मीडिया को संबोधित करते हुए
अमित आजाद ने कहा कि जनता के दिलों में आज भी देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले क्रांतिकारियों के प्रति गहरा सम्मान है। राजनीतिक दलों के चाहने या ना चाहने से कुछ भी होने वाला नहीं है। जनता को पता है कि देश की आजादी के लिए क्रांतिकारियों ने क्या योगदान दिया है।उन्होंने कहा कि आजादी का श्रेय क्रांतिकारी ना ले इसके लिए देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की मुखबिरी कर उनकी हत्या करवाने का काम किया।
वही हरकतें नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ भी की गई। नेहरू नहीं चाहते थे राजनीतिक रूप से आजादी का श्रेय क्रांतिकारियों को मिले। जब वे सत्ता में आए तो उन्होंने क्रांतिकारियों के द्वारा देश के प्रति किए गए कार्यों को भूलाने का हर संभव प्रयास किया, परंतु देश की जनता के दिलों में स्थान बना चुके क्रांतिकारियों की पहचान समाप्त नहीं कर सके।






















