निरसा: निरसा की सड़कों पर मंगलवार की शाम उस वक्त माहौल गरमा गया, जब भाकपा माले के सैकड़ों कार्यकर्ता हाथों में जलती मशाल लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ हल्ला बोलते हुए सड़क पर उतर पड़े। नीट पेपर लीक, पेट्रोल-डीजल की बेतहाशा महंगाई, बेरोजगारी और मजदूरों के अधिकार जैसे मुद्दों को लेकर निकाले गए इस मशाल जुलूस ने पूरे क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज कर दी।
भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए नीट परीक्षा पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि गरीब और मेहनतकश परिवारों के बच्चे दिन-रात मेहनत कर परीक्षा पास करने का सपना देखते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत पर पानी फेर रही हैं।
मशाल जुलूस के दौरान “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो”, “पेट्रोल-डीजल के दाम कम करो”, “मोदी सरकार जवाब दो” और “शिक्षा मंत्री होश में आओ” जैसे नारों से पूरा निरसा चौक गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर अपना विरोध जताया।
भाकपा माले के वरिष्ठ नेता हरेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण आम जनता त्रस्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा का पेपर लीक होना देश के छात्रों के भविष्य के साथ सबसे बड़ा धोखा है। साथ ही गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार जल्द इन मुद्दों पर ठोस कदम नहीं उठाती, तो देशभर में आंदोलन और तेज किया जाएगा।





















