Dhanbad Cyber Crime: जिले में चल रहे साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान को अब दूरसंचार विभाग (भारत सरकार) और IIT (ISM) धनबाद का समर्थन मिला है। शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, ग्रामीण SP एस. मोहम्मद याकूब ने कहा कि दूरसंचार विभाग साइबर अपराध के खिलाफ अभियान का दायरा बढ़ाने के लिए धनबाद पुलिस के साथ मिलकर काम करेगा। इस बीच, IIT (ISM) के छात्रों का एक समूह ‘साइबर साथी’ के तौर पर काम करते हुए इस अभियान के तहत लोगों में जागरूकता फैलाएगा।
Highlights:
छात्र एक साल तक लोगों को साइबर धोखाधड़ी से बचने के बारे में जागरूक करेंगे

ग्रामीण SP के अनुसार, IIT (ISM) के छात्रों को धनबाद पुलिस और दूरसंचार विभाग से साइबर सुरक्षा पर खास ट्रेनिंग मिली है। इस ट्रेनिंग के बाद, छात्र अगले एक साल तक जिले के अलग-अलग हिस्सों में जागरूकता अभियान चलाएंगे। ये ‘साइबर साथी’ ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में लोगों से बातचीत करेंगे और उन्हें साइबर अपराध के अलग-अलग तरीकों जैसे धोखाधड़ी वाली कॉल, संदिग्ध लिंक, OTP स्कैम और डिजिटल धोखाधड़ी के बारे में जानकारी देंगे। वे लोगों को ऑनलाइन स्कैम का शिकार होने से बचने के लिए ज़रूरी सावधानियों के बारे में भी बताएंगे।
दूरसंचार विभाग संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जानकारी पुलिस के साथ साझा करेगा

अभियान के तहत, दूरसंचार विभाग संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जानकारी धनबाद पुलिस के साथ साझा करेगा। इससे पुलिस को साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल नंबरों की पहचान करने और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करने में मदद मिलने की उम्मीद है। ग्रामीण SP ने बताया कि ‘म्यूल’ (mule) बैंक अकाउंट और अवैध सिम कार्ड वित्तीय साइबर अपराध में बड़ी चुनौतियां पैदा करते हैं। साइबर अपराधी अक्सर धोखाधड़ी से मिली रकम को इधर-उधर करने और उसे वैध दिखाने (मनी लॉन्ड्रिंग) के लिए दूसरे लोगों के बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करते हैं। इससे निपटने के लिए, पुलिस संदिग्ध म्यूल अकाउंट की पहचान करने के लिए बैंकों के साथ मिलकर काम कर रही है और उन्हें फ्रीज (बंद) करवाने के लिए कदम उठा रही है।
पुलिस सिम वेंडर और बैंकिंग नेटवर्क पर कड़ी नज़र रख रही है
पुलिस के अनुसार, टेलीकॉम कंपनियों और उनके वेंडरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मोबाइल सिम कार्ड जारी करते समय पूरी सावधानी बरतें। इसके अलावा, बैंक कर्मचारियों, CSP (कस्टमर सर्विस पॉइंट) ऑपरेटरों और सिम वेंडरों की गतिविधियों पर भी नज़र रखी जा रही है। अगर किसी गलत काम या भारी लापरवाही का मामला सामने आता है, तो FIR दर्ज की जाएगी और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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साइबर जागरूकता अभियान स्कूलों और कॉलेजों से लेकर गांवों तक चलाया जा रहा है।
धनबाद पुलिस साइबर अपराध के खिलाफ कई स्तरों पर जागरूकता अभियान चला रही है। स्कूलों और कॉलेजों में कार्यक्रम आयोजित करने के अलावा, पुलिस ग्रामीण इलाकों में ‘रात्रि चौपालों’ (शाम की सामुदायिक बैठकों) के जरिए लोगों को साइबर धोखाधड़ी से बचने के तरीके बता रही है। इसके अलावा, सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में साइबर सुरक्षा कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। प्रचार वाहनों और मल्टीप्लेक्स व सिनेमा हॉल में दिखाए जाने वाले वीडियो संदेशों के जरिए भी लोगों को साइबर अपराध के बारे में जागरूक किया जा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ग्रामीण SP एस. मोहम्मद याकूब के साथ नीलेश कुमार सिन्हा (सहायक महानिदेशक, दूरसंचार विभाग), विशाल शाह (सहायक संभागीय अधिकारी) और IIT (ISM) के छात्र मौजूद थे।






















