Rithvik Verma World Record, जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर से एक नन्हे बच्चे की असाधारण उपलब्धि सामने आई है। कदमा की भाटिया बस्ती निवासी 16 महीने के ऋत्विक वर्मा ने बिना किसी सहारे 30 सीढ़ियां चढ़कर रिकॉर्ड बनाया है। उनकी इस उपलब्धि को ‘बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ ने मान्यता दी है। ऋत्विक को 16 महीने की उम्र में स्वतंत्र रूप से सीढ़ियां चढ़ने वाले सबसे कम उम्र के बच्चे के रूप में रिकॉर्ड टाइटल दिया गया है। इस खबर से उनके परिवार में खुशी का माहौल है।
Highlights:
16 महीने की उम्र में चढ़ीं 30 सीढ़ियां
आमतौर पर इस उम्र में बच्चे चलना और अपने कदमों को संतुलित करना सीख रहे होते हैं। ऐसे में ऋत्विक का बिना सहारे 30 सीढ़ियां चढ़ना उनके परिवार के लिए खास उपलब्धि बन गया। रिकॉर्ड संस्था की ओर से उनकी इस प्रतिभा को मान्यता मिलने के बाद जमशेदपुर का नाम भी चर्चा में आया है।
ऋत्विक की इस उपलब्धि के पीछे परिवार का प्रोत्साहन और उनकी मां अनामिका वर्मा की पहल महत्वपूर्ण रही। मां ने बच्चे की प्रतिभा को रिकॉर्ड संस्था तक पहुंचाने का निर्णय लिया, जिसके बाद आवेदन की प्रक्रिया पूरी की गई।
एक मिनट के वीडियो के आधार पर किया आवेदन
ऋत्विक की मां अनामिका वर्मा ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से ‘बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद उन्होंने ऋत्विक की उपलब्धि को रिकॉर्ड के लिए भेजने का फैसला किया। इसके लिए आवेदन किया गया और करीब एक मिनट का वीडियो भी जमा कराया गया।
इस वीडियो में ऋत्विक बिना किसी सहारे के 30 सीढ़ियां चढ़ते दिखाई दिए। जानकारी के अनुसार, रिकॉर्ड के लिए आवेदन 11 अक्टूबर 2026 को किया गया था। इसके बाद 2 नवंबर को परिणाम सामने आया और ऋत्विक के नाम रिकॉर्ड दर्ज होने की पुष्टि हुई।

पति को सरप्राइज देने की थी तैयारी
अनामिका वर्मा के लिए यह उपलब्धि केवल रिकॉर्ड तक सीमित नहीं थी, बल्कि परिवार के साथ खुशी साझा करने का भी खास मौका था। उन्होंने बताया कि वह अपने पति रोहित वर्मा को इस उपलब्धि की जानकारी सरप्राइज के रूप में देना चाहती थीं।
जब ऋत्विक के नाम पर रिकॉर्ड की पुष्टि हुई, तो परिवार के लिए यह पल यादगार बन गया। पति को यह खुशखबरी देना अनामिका के लिए भी एक विशेष अनुभव रहा। ऋत्विक की इस उपलब्धि से माता-पिता बेहद खुश हैं।
नाना के प्रोत्साहन से आगे बढ़ी पहल
अनामिका ने बताया कि उनके पिता अजय कुमार सिंह ने भी ऋत्विक की प्रतिभा को आगे लाने और रिकॉर्ड के लिए आवेदन करने के लिए प्रेरित किया था। नाना को अपने नाती की इस उपलब्धि पर खासा गर्व है।
परिवार के अनुसार, अनामिका रेडियो के क्षेत्र में काम करती हैं, जबकि ऋत्विक के पिता रोहित वर्मा पुणे की एक मल्टीनेशनल कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। परिवार के सहयोग और प्रोत्साहन से ऋत्विक की यह उपलब्धि अब रिकॉर्ड के रूप में दर्ज हो गई है।
जमशेदपुर के परिवार के लिए यादगार उपलब्धि
महज 16 महीने की उम्र में 30 सीढ़ियां चढ़ने की इस उपलब्धि को रिकॉर्ड संस्था से मान्यता मिलना ऋत्विक और उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है। मां की पहल, नाना का प्रोत्साहन और परिवार की खुशी ने इस उपलब्धि को और खास बना दिया है। जमशेदपुर के इस नन्हे बच्चे का नाम अब ‘बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज हो गया है।






















