मांगे पूरी नहीं हुईं तो जलसहिया बहनें अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगी
निरसा (धनबाद): झारखंड राज्य जलसहिया कर्मचारी संघ ने रविवार को निरसा प्रखंड अंतर्गत बिड़ला ढाल स्थित पानी टंकी के समीप एक अहम बैठक आयोजित की। इस बैठक का नेतृत्व संघ की प्रदेश कोषाध्यक्ष लालमणि कुमारी ने किया। बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से संबंधित पाँच प्रमुख मांगों को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए और चेतावनी दी गई कि मांगे पूरी नहीं हुईं तो जून महीने में राजभवन के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना होगा।
Highlights:
जलसहिया संघ की पांच मुख्य मांगें:
बढ़े हुए मानदेय का अविलंब भुगतान किया जाए
विभाग में रिक्त पदों पर योग्य जलसहिया बहनों की बहाली की जाए
जलसहिया बहनों को ₹18,000 मासिक मानदेय सुनिश्चित किया जाए
₹15 लाख का दुर्घटना बीमा लागू किया जाए
पेयजल और स्वच्छता विभाग के सभी ज़रूरी कार्य जलसहिया बहनों से कराए जाएं
सरकार के रवैये से असंतोष
बैठक के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सरकार जलसहिया बहनों के साथ अन्याय कर रही है और उनकी मेहनत व सेवाओं को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। संघ ने कहा कि जल्द ही मांगे पूरी नहीं हुईं तो राजभवन के समक्ष उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी ज़िम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
क्या कहा प्रदेश कोषाध्यक्ष लालमणि कुमारी ने?
लालमणि कुमारी ने कहा “जलसहिया बहनें गांवों में पानी और स्वच्छता की रीढ़ हैं। हमें अधिकार और सम्मान चाहिए, न कि उपेक्षा। अगर मांगे नहीं मानी गईं तो आंदोलन हमारा आखिरी रास्ता होगा।”
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जलसहिया कर्मचारी संघ की यह बैठक राज्य सरकार को चेतावनी देने और अपनी मांगों की ओर ध्यान आकर्षित करने का प्रयास थी। अब देखना यह है कि सरकार इस चेतावनी पर किस तरह की कार्रवाई करती है।
रिपोर्टर: संदीप कुमार शर्मा | स्थान: निरसा, धनबाद






















