यूपी एटीएस भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्त दो आरोपी – एक दिल्ली के सीलमपुर से, दूसरा वाराणसी से गिरफ्तार
यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (ATS) ने भारत की सुरक्षा के खिलाफ काम कर रहे पाकिस्तान प्रायोजित जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां की हैं। दिल्ली के सीलमपुर से मोहम्मद हारून और वाराणसी से तुफैल को गिरफ्तार किया गया है। दोनों पर पाकिस्तान के लिए खुफिया जानकारी साझा करने, राष्ट्रविरोधी संगठन से जुड़ने और उकसाऊ सामग्री फैलाने जैसे गंभीर आरोप हैं।
Highlights:
आरोपी मोहम्मद हारून: दिल्ली से गिरफ्तार, पाक उच्चायोग से संपर्क
दिल्ली निवासी मोहम्मद हारून, पुत्र अतीकुरर्हमान, सीलमपुर में कबाड़ का काम करता था। एटीएस जांच में सामने आया कि हारून का संपर्क पाकिस्तान उच्चायोग, नई दिल्ली में नियुक्त अधिकारी मोहम्मद मुजम्मिल हुसैन से था।
हारून, मुजम्मिल के माध्यम से पाकिस्तान का वीजा दिलाने के नाम पर अवैध वसूली कर रहा था।
उसने भारत की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तानी अधिकारी को दीं।
हारून ने कई बैंक खातों की जानकारी और दिल्ली के संवेदनशील स्थानों का विवरण भी साझा किया।
आरोपी के पास से 2 मोबाइल फोन और ₹16,900 नकद बरामद हुए हैं।
एटीएस ने 22 मई 2025 को मुकदमा संख्या 06/25, धारा 148/152 BNS के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की।
वाराणसी से तुफैल गिरफ्तार: WhatsApp पर भड़काऊ संदेश और पाकिस्तान से लिंक
तुफैल पुत्र मकसूद आलम, निवासी जे-15/107, दोशीपुरा, थाना जैतपुरा, वाराणसी — पर पाकिस्तान प्रायोजित राष्ट्रविरोधी संगठन से जुड़कर भारत के विरुद्ध काम करने का आरोप है।
तुफैल WhatsApp ग्रुप्स में “गजवा-ए-हिंद”, शरीयत लागू करने, बाबरी मस्जिद का बदला लेने जैसे संदेश साझा करता था।
वह पाकिस्तान के प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘तहरीक-ए-लब्बैक’ के नेताओं के वीडियो साझा करता था।
तुफैल ने राजघाट, ज्ञानवापी, जामा मस्जिद, लाल किला जैसे संवेदनशील स्थानों के फोटो व जानकारियां पाकिस्तान के नंबरों पर भेजीं।
वह 600 से अधिक पाकिस्तानी मोबाइल नंबर्स और एक पाकिस्तानी महिला नफीसा (पति पाकिस्तानी सेना में) के संपर्क में था।
एटीएस ने 22 मई 2025 को मुकदमा संख्या 05/25, धारा 148/152 BNS के तहत वाराणसी से तुफैल को गिरफ्तार किया।
PESONA NON GRATA घोषित पाक अधिकारी का संपर्क
उल्लेखनीय है कि मुजम्मिल हुसैन, जो पाकिस्तान उच्चायोग का कर्मचारी था, को भारत सरकार ने पहले ही Persona Non Grata घोषित कर देश छोड़ने का आदेश दिया था। अब उसी के संपर्क में रहे दो भारतीयों की गिरफ्तारी यह दिखाती है कि पाक जासूसी एजेंसियां भारत में सक्रिय रूप से नेटवर्क फैला रही हैं।
बरामद सामग्री:
2 मोबाइल फोन
₹16,900 नकद
संवेदनशील लोकेशन की जानकारी
सोशल मीडिया लिंक और ग्रुप रिकॉर्ड
जांच जारी, और गिरफ्तारियों की संभावना
यूपी एटीएस की टीम दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साइबर डाटा, बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की जांच के बाद अधिक गिरफ्तारियां संभव हैं। यह घटना एक बार फिर स्पष्ट करती है कि भारत में साइबर जासूसी और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का खतरा बढ़ रहा है, जिसपर सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैदी से काम कर रही हैं।






















