निरसा मध्य पंचायत के भुइँया टोला में कुल देवी-देवताओं के मंदिर का पुनर्निर्माण, समाज ने मुखिया रीता देवी और मनोज सिंह के सहयोग को सराहा
निरसा क्षेत्र में भुइँया समाज ने वर्षों पुरानी आस्था को फिर से जीवित करते हुए ग्राम थान मंदिर का पुनर्निर्माण किया। समाज के लोगों ने सामूहिक श्रमदान कर निर्माण में भाग लिया और मुखिया रीता देवी के सक्रिय योगदान को समाज की दिशा में एक मिसाल बताया।
Highlights:
निरसा में भुइँया समाज के नष्ट हुए कुल देवी-देवताओं के स्थान को मिला नया ठिकाना, वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी
धनबाद जिला अंतर्गत निरसा मध्य पंचायत के भुइँया टोला में उस समय खुशी की लहर दौड़ गई, जब वर्षों पुरानी मांग पूरी करते हुए ग्राम थान मंदिर का निर्माण कार्य संपन्न हुआ। यह स्थान पहले निरसा सिनेमा हॉल मोड़ के पास NH-19 के किनारे स्थित था, जो राजमार्ग निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था। समाज के लोग इसे अपनी आस्था और पहचान से जोड़कर देखते थे।
मुखिया रीता देवी बनी समाज की आवाज, मंदिर निर्माण में निभाई प्रमुख भूमिका
निरसा भुइँया समाज के लोगों ने जब इस मुद्दे को लेकर पंचायत की मुखिया रीता देवी से संपर्क किया, तो उन्होंने बिना विलंब किए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। समाजसेवी मनोज सिंह के साथ मिलकर उन्होंने निर्माण कार्य को गति दी और मंदिर निर्माण स्थल पर पहुँचकर सक्रिय सहभागिता भी दिखाई।
ग्रामवासी अर्जुन भुइँया ने कहा, “हमारे कुल देवी-देवता का स्थान टूटने से समाज में दुख था। लेकिन जब हमने मुखिया जी से आग्रह किया, उन्होंने तत्परता से सहयोग कर समाज के साथ खड़े होकर एक बड़ा कार्य किया।”
यह भी पढ़ें : झरिया में 30 करोड़ की जीएसटी चोरी का खुलासा: जीएसटी विभाग की टीम ने मारा छापा
समाज ने किया श्रमदान, नारियल फोड़कर किया कार्यारंभ
मंदिर निर्माण के दौरान भुइँया समाज के लोगों ने न केवल आर्थिक योगदान दिया, बल्कि स्वेच्छा से श्रमदान कर निर्माण कार्य में हिस्सा लिया। निर्माण की शुरुआत नारियल फोड़कर और पूजा-अर्चना के साथ की गई, जिससे धार्मिक वातावरण और उत्साह दोनों चरम पर थे।
“यह मेरा सौभाग्य है”, भावुक हुईं मुखिया रीता देवी
मंदिर निर्माण में सहयोग के लिए धन्यवाद स्वरूप आयोजित सभा में मुखिया रीता देवी ने कहा, “समाज के इस पुनीत कार्य में मुझे भी योगदान देने का अवसर मिला, यह मेरे लिए गर्व की बात है। जितना बन पड़ा, मैंने किया। समाज की आस्था और परंपरा को आगे बढ़ाना हम सबकी जिम्मेदारी है।”
ग्राम थान बना सामाजिक एकता का प्रतीक
ग्राम थान मंदिर का यह निर्माण केवल धार्मिक दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और नेतृत्व की मिसाल के रूप में भी देखा जा रहा है। यह मंदिर अब आने वाली पीढ़ियों के लिए आस्था, एकता और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र बनेगा।





















