ड्रग विभाग की छापेमारी में पटना नशीली इंजेक्शन तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, छात्रों को किया जा रहा था निशाना
पटना में ड्रग विभाग ने नशीली दवाओं और नशीली इंजेक्शन तस्करी करने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। लाखों के इंजेक्शन जब्त, छात्रों को बनाया जा रहा था निशाना। पढ़ें पूरी खबर।
Highlights:
पटना में ड्रग माफिया पर बड़ी कार्रवाई, लाखों के नशीली इंजेक्शन बरामद-नशीली इंजेक्शन तस्करी का भंडा फोड़
राजधानी पटना में ड्रग विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नशीली दवाओं और नशीली इंजेक्शन की अवैध बिक्री करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह छापेमारी पटना के अगमकुआं इलाके में की गई, जहां से लाखों रुपये मूल्य के नशीली इंजेक्शन बरामद किए गए हैं।
छात्रों को बनाया जा रहा था मुख्य टारगेट-अब होगी नशीली इंजेक्शन तस्करी का सफाया
ड्रग विभाग की पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये नशीली दवाएं विशेष रूप से छात्रों को निशाना बनाकर बेची जाती थीं। गिरोह के एजेंटों के माध्यम से यह इंजेक्शन 100 से 150 रुपये में बेचे जाते थे।
राजधानी के अलावा अन्य जिलों में भी थी नशीली इंजेक्शन तस्करी
छापेमारी में सामने आया है कि यह नशीली इंजेक्शन नेटवर्क सिर्फ पटना ही नहीं, बल्कि बिहार के अन्य जिलों में भी सक्रिय था। सप्लाई चेन के जरिए इसे एजेंटों को दिया जाता था, जो फिर इसे स्कूल-कॉलेज के छात्रों तक पहुंचाते थे।
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शराब बंदी के बाद नशीले इंजेक्शन का बढ़ा ट्रेंड
बिहार में शराब बंदी के बाद नशीली दवाओं और नशीली इंजेक्शन तस्करी का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। यह मामला भी उसी की एक कड़ी माना जा रहा है, जिसमें अब ड्रग विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
गिरफ्तार अभियुक्त से पूछताछ जारी, और भी गिरफ्तारियां संभव
इस केस में गिरफ्तार मुख्य अभियुक्त से गहन पूछताछ जारी है। ड्रग इंस्पेक्टर देववंत झा ने बताया कि गिरोह के बाकी सदस्यों के नाम भी सामने आ रहे हैं और जल्द ही अधिक गिरफ्तारियां की जाएंगी।नशीली इंजेक्शन तस्करी होगी ख़तम
अगमकुआं में तेज़-तर्रार रेड, मिली सफलता
राजधानी पटना में ड्रग विभाग की टीम ने अगमकुआं इलाके में एक तेज़ और योजनाबद्ध रेड में लाखों रुपये के नशीली इंजेक्शन तस्करी बरामद किए हैं। यह कार्रवाई न सिर्फ प्रशासन की सतर्कता को दर्शाती है, बल्कि आम नागरिकों के बीच भरोसा भी बढ़ाती है।
छात्रों को नशे का शिकार बनाने की साजिश बेनकाब
पूछताछ में यह साफ़ हो गया है कि यह गिरोह विशेष रूप से कॉलेज और स्कूल के छात्रों को टारगेट कर रहा था। उन्हें एजेंटों के ज़रिए 100 से 150 रुपये में इंजेक्शन बेचे जा रहे थे। यह एक चौंकाने वाली साजिश थी, जिसे समय रहते दबोच लिया गया।
सिर्फ पटना ही नहीं, पूरे बिहार में फैला था नेटवर्क
ताजा जांच से खुलासा हुआ है कि यह गिरोह बिहार के अन्य जिलों जैसे गया, नालंदा, मुजफ्फरपुर और भागलपुर तक फैला था। ड्रग्स की यह अवैध सप्लाई एक सुनियोजित नेटवर्क के तहत की जा रही थी, जिसमें लोकल एजेंट, स्कूल संपर्क सूत्र और सप्लायर्स तक जुड़े हुए थे।
शराबबंदी के बाद नशे का नया रूप – इंजेक्शन सेहत के लिए बेहद खतरनाक
शराबबंदी के बाद बिहार में नशीली इंजेक्शन की लत तेजी से बढ़ी है। मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह के इंजेक्शन शरीर को शारीरिक और मानसिक रूप से भारी नुकसान पहुंचाते हैं।
ड्रग विभाग की मुस्तैदी बनी मिसाल, जनता ने की तारीफ
ड्रग इंस्पेक्टर देववंत झा ने कहा, “हमारा मिशन साफ है — नशे के कारोबार को पूरी तरह जड़ से खत्म करना।”
शहरवासियों ने इस कार्रवाई की तारीफ की है और कहा कि यह कदम युवाओं को बचाने में अहम भूमिका निभाएगा।
गिरफ्तार अभियुक्त से गहन पूछताछ जारी, नेटवर्क का जल्द होगा सफाया
पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार आरोपी से लगातार पूछताछ शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां और नई कड़ियों का खुलासा हो सकता है।






















