कर्नाटक: कर्नाटक की जन प्रतिनिधियों की विशेष अदालत ने जनता दल (सेक्युलर) से निष्कासित नेता और पूर्व लोकसभा सांसद प्रज्वल रेवन्ना को घरेलू सहायिका से बलात्कार के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने उन पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसमें से 7 लाख रुपये पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे।
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इस मामले की सुनवाई बेंगलुरु की एमपी/एमएलए स्पेशल कोर्ट में न्यायाधीश संतोष गजानन भट के समक्ष हुई, जिन्होंने पूर्व सांसद को बलात्कार और अश्लील वीडियो बनाने का दोषी पाया।
पूर्व प्रधानमंत्री का पोता और राजनीतिक परिवार से संबंध
प्रज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के पोते, जेडीएस नेता एच.डी. रेवन्ना के बेटे और केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के भतीजे हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले ने कर्नाटक की राजनीति में भारी उथल-पुथल मचा दी थी।
मामले की पृष्ठभूमि
पीड़िता, केआर नगर निवासी एक घरेलू सहायिका, ने पूर्व सांसद पर यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए थे। उसके अनुसार, रेवन्ना ने उसका यौन उत्पीड़न किया और इसका वीडियो बनाकर उसे धमकाया। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था।
SIT की जांच में 26 पुख्ता सबूत, और यौन उत्पीड़न के वीडियो फुटेज अदालत में प्रस्तुत किए गए, जिनकी फोरेंसिक पुष्टि भी हुई।
देश से फरार, फिर गिरफ्तारी
2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान यौन शोषण के कई आरोप सामने आने के बाद रेवन्ना देश छोड़कर फरार हो गया था। लेकिन एचडी देवेगौड़ा और एचडी कुमारस्वामी की सार्वजनिक अपील के बाद वह 31 मई 2024 को भारत लौटा, जहां बेंगलुरु पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
अन्य मामलों में भी नामजद
गौरतलब है कि रेवन्ना पर इसी तरह के तीन अन्य रेप मामलों में भी FIR दर्ज हैं। फिलहाल वह 14 महीने से न्यायिक हिरासत में है और उसकी सभी जमानत याचिकाएं खारिज की जा चुकी हैं।






















