धनबाद(DHANBAD):धनबाद जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह और कार्यकारी अध्यक्ष राशिद रजा अंसारी ने दो दिवसीय पंचायत स्तरीय पदयात्रा के तहत टुंडी प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में जन चौपाल का आयोजन कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संगठित करने का आह्वान किया।
Highlights:
यह पदयात्रा लक्षुरायडीह पंचायत से शुरू होकर बरवाटांड़, कटनिया, कदैयां और राजा भिठा पंचायत तक पहुंची, जहां सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता झंडा-बैनर के साथ शामिल हुए। इस दौरान ग्राम पंचायत कांग्रेस और बूथ लेवल एजेंट का चयन भी किया गया।
कांग्रेस झंडा हर घर पर फहराने का संकल्प
कार्यक्रम के तहत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर पार्टी का झंडा लगाया और लोगों को कांग्रेस की विचारधारा से जोड़ने का प्रयास किया। लुकैया पंचायत में दलित नेता वकील बाउरी के आवास पर जिलाध्यक्ष और अन्य नेताओं ने रात्रि विश्राम किया।
मोदी सरकार पर तीखा हमला
जन चौपाल में जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने कहा,
“जब सत्ता में हनक होती है, तब वह अपने बूटों तले आवाजों को कुचल देती है। आज देश में सत्ता को सच सुनने की आदत नहीं रही। हया और शर्म अब सियासत बेच रही है।”
उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग को राजनीतिक हथियार बना दिया गया है।
जिलाध्यक्ष ने आगे कहा:
“आज देश में विचारधारा की लड़ाई चल रही है। एक ओर कांग्रेस संविधान बचा रही है, तो दूसरी ओर भाजपा उस पर हमला कर रही है। हम हर कीमत पर संविधान की रक्षा करेंगे।”
संस्थानों पर भाजपा का नियंत्रण – कार्यकारी अध्यक्ष का आरोप
कार्यकारी अध्यक्ष राशिद रजा अंसारी ने भाजपा और आरएसएस पर संस्थागत कब्जे का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ भाजपा कार्यकर्ताओं को दिया जा रहा है, और जब कांग्रेस इसका विरोध करती है तो कार्यकर्ताओं को जेल भेजा जाता है।
“जनता अब सच्चाई देख रही है और आने वाले समय में भाजपा से दूरी बनाना शुरू कर देगी।”
नेताओं की मौजूदगी और संचालन
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष आनन्द मोदक ने की, जबकि संचालन जिला महासचिव असद कलीम ने किया।
इस मौके पर जिला कांग्रेस के कई प्रमुख नेता मौजूद थे, जिनमें:
राशिद रजा अंसारी, योगेन्द्र सिंह योगी, नवनीत नीरज, अछयवर प्रसाद, अशोक लाल, कयूम खान, अनिल साव, सिता राणा, मोइन अंसारी, राजेश राम, गोपाल कृष्ण चौधरी, रामबिलास राम, जितेंद्र शर्मा, निशा सिंह, गयासूद्दीन अंसारी, हाकिम अंसारी, बसारत अंसारी, अहमद हुसैन, और दर्जनों अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।






















