रांची:झारखंड की पत्रकारिता ने आज अपना एक उज्ज्वल सितारा खो दिया। ‘आजाद सिपाही’ के प्रधान संपादक और झारखंड पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हरिनारायण सिंह का रविवार को निधन हो गया। उनके निधन की खबर जैसे ही फैली, पूरे पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
Highlights:
सिर्फ एक पत्रकार नहीं, एक संस्था थे हरिनारायण सिंह
हरिनारायण सिंह का पत्रकारिता जीवन समर्पण, ईमानदारी और निर्भीकता की मिसाल रहा। उन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित अख़बारों में काम किया और अपनी लेखनी से हमेशा जन सरोकारों की बात की। वे न सिर्फ एक उत्कृष्ट संपादक थे, बल्कि युवा पत्रकारों के लिए मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत भी रहे।
कई पत्रकारों ने उन्हें पत्रकारिता की ‘जीवित पाठशाला’ कहा। हर मुलाकात में उनसे कुछ न कुछ नया सीखने को मिलता था। उनके नेतृत्व में कई युवा पत्रकारों ने पत्रकारिता की बुनियादी समझ और मूल्यों को आत्मसात किया।
अंतिम विदाई में उमड़ा पत्रकार समाज
उनके निधन की पुष्टि होते ही राजधानी रांची सहित राज्य भर के पत्रकार, संपादक, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि शोक संतप्त परिवार से मिलने पहुंचे। सोशल मीडिया पर भी उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा।
एक अपूरणीय क्षति
हरिनारायण सिंह का जाना सिर्फ एक वरिष्ठ पत्रकार का जाना नहीं है, बल्कि यह झारखंड की वैचारिक पत्रकारिता के एक युग का अंत है। उनकी जगह कोई नहीं ले सकता। उन्होंने जो मूल्यों की नींव रखी, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।
“आपका लिखा हमेशा पढ़ा जाएगा, सर। आपकी सोच, आपकी सादगी, आपकी पत्रकारिता को सलाम।”






















