रांची(RANCHI):झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और आदिवासी समाज के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक शिबू सोरेन उर्फ दिशोम गुरु के निधन से पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर शोक जताते हुए कहा:
Highlights:
“आज मैं शून्य हो गया हूँ… दिशोम गुरुजी हम सबको छोड़कर चले गए हैं।”
दो दिन का राजकीय शोक और अवकाश
राज्य सरकार ने दिवंगत नेता के सम्मान में 4 और 5 अगस्त को राजकीय अवकाश की घोषणा की है।सभी सरकारी कार्यालय, शिक्षण संस्थान और सरकारी उपक्रम बंद रहेंगे।इस संबंध में कैबिनेट विभाग द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है।
अंतिम सांस दिल्ली में
शिबू सोरेन (81 वर्ष) ने दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में अंतिम सांस ली।वे लंबे समय से किडनी की बीमारी, डायबिटीज और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे।पिछले एक महीने से वे अस्पताल में भर्ती थे और डायलिसिस पर थे।
झारखंड की राजनीति का एक युग समाप्त
झामुमो (JMM) के संस्थापक नेताओं में से एक, शिबू सोरेन ने तीन बार मुख्यमंत्री के रूप में झारखंड का नेतृत्व किया।उन्होंने जीवन भर आदिवासी अधिकारों, सामाजिक न्याय और जन आंदोलनों के लिए संघर्ष किया।वे दिशोम गुरु के रूप में न सिर्फ झारखंड बल्कि पूरे देश में आदिवासी चेतना के प्रतीक बन गए थे।
पूरे राज्य में श्रद्धांजलि कार्यक्रम
झारखंड के सभी जिलों में शोक सभा और श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किए जा रहे हैं।राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने उनके निधन को अतुलनीय क्षति बताया है।






















