नई दिल्ली:भारत के चार राज्यों के राज्यपाल रह चुके वरिष्ठ नेता सत्यपाल मलिक का आज दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में निधन हो गया। वह 79 वर्ष के थे और किडनी तथा अन्य जटिल बीमारियों से पीड़ित थे। अस्पताल ने पुष्टि की है कि मलिक ने दोपहर 1:12 बजे अंतिम सांस ली।
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काफी समय से थे अस्पताल में भर्ती
सत्यपाल मलिक को 11 मई 2025 को आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।वे किडनी फेल्योर, उच्च रक्तचाप और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे।8 जून को उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपने स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता जताई थी।
एक राजनैतिक जीवन – समाजवाद से राज्यपाल तक
सत्यपाल मलिक ने 1970 के दशक में समाजवादी आंदोलन से राजनीति की शुरुआत की थी।1974 में उत्तर प्रदेश विधानसभा में पहुंचे, फिर 1980-89 तक राज्यसभा सदस्य रहे।वे भारतीय क्रांति दल और लोकदल से जुड़े रहे।बाद में उन्होंने बीजेपी का दामन थामा और विभिन्न राज्यों में राज्यपाल नियुक्त किए गए।
जम्मू-कश्मीर में ऐतिहासिक समय के गवाह रहे
सत्यपाल मलिक अगस्त 2018 से अक्टूबर 2019 तक जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहे।5 अगस्त 2019 को उन्हीं के कार्यकाल में अनुच्छेद 370 हटाया गया, और राज्य को केंद्र शासित प्रदेश में बदला गया।इस ऐतिहासिक फैसले का प्रशासनिक संचालन उनके ही मार्गदर्शन में हुआ था।
किसान आंदोलन में मोदी सरकार पर साधा था निशाना
रिटायरमेंट के बाद सत्यपाल मलिक ने कई मौकों पर मोदी सरकार की आलोचना की,विशेषकर किसान आंदोलन के दौरान उन्होंने केंद्र पर कड़े हमले किए।वे किसानों के हितों की खुलकर वकालत करते रहे।
पीएस राणा ने की पुष्टि
पूर्व राज्यपाल के निजी सचिव पीएस राणा ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए कहा कि
“वो लंबे समय से बीमार थे और दिल्ली में उनका इलाज चल रहा था।”






















