“वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे विस्थापित परिवारों को मिला उम्मीद का सहारा”
धनबाद(DHANBAD):झारखंड सरकार द्वारा विस्थापन एवं पुनर्वास आयोग के गठन की घोषणा को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
धनबाद जिला कांग्रेस के मीडिया चेयरमैन सह प्रवक्ता पप्पु कुमार तिवारी ने इसे “ऐतिहासिक और सराहनीय कदम” बताया है।
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उन्होंने कहा कि इस आयोग के गठन से झारखंड में विकास और औद्योगीकरण के नाम पर विस्थापित हुए हजारों परिवारों को वर्षों बाद न्याय की उम्मीद जगी है।
मुख्यमंत्री और कैबिनेट को धन्यवाद
पप्पु तिवारी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पूरी कैबिनेट का आभार जताते हुए कहा:
“झारखंड में विस्थापन एक गंभीर और जटिल समस्या रही है। वर्षों से विस्थापित परिवार न्याय की बाट जोह रहे थे। आयोग के गठन से अब उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रभावी पहल की गई है।”
इन क्षेत्रों को होगा विशेष लाभ
प्रवक्ता तिवारी के अनुसार, इस आयोग के माध्यम से धनबाद, बोकारो, बड़कागांव, दुमका, चांडिल, एचईसी जैसे क्षेत्रों में विस्थापित परिवारों को लाभ मिलेगा।
इन क्षेत्रों में कई परिवार अपनी जमीन से बेदखल होकर पुनर्वास के लिए संघर्षरत हैं, लेकिन उचित प्लेटफॉर्म की कमी के कारण उनकी आवाज दबती रही।
कांग्रेस के चुनावी संकल्प को मिला मूर्त रूप
तिवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा चुनाव 2019 के अपने घोषणा पत्र में इस आयोग के गठन का वादा किया था, जिसे महागठबंधन सरकार ने पूरा किया है।
“हेमंत सरकार जनता की अपेक्षाओं और विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास कर रही है।
आयोग का गठन राज्य हित में एक मील का पत्थर साबित होगा।”
जनता के लिए आशा की किरण
उन्होंने कहा कि आयोग के गठन से अब विस्थापितों को न केवल सुनवाई का मंच मिलेगा, बल्कि त्वरित समाधान की भी उम्मीद बनी है। यह पहल उन परिवारों के लिए आशा की नई किरण है, जो वर्षों से उपेक्षित महसूस कर रहे थे।





















