500 करोड़ की परियोजना को बताया भ्रष्टाचार की भेंट, न्यायिक जांच की मांग
बाघमारा:बीसीसीएल के ब्लॉक-2 अंतर्गत संचालित न्यू मधुबनवासरी के 1 नंबर सेलो का टावर बुधवार को धराशायी हो गया, जिससे एक बड़ा हादसा टलते-टलते बचा। हादसे के बाद 3 नंबर सेलो में फंसे एक कर्मी को बीसीसीएल की टीम ने 12 घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि इस घटना ने न्यू मधुबनवासरी परियोजना की गुणवत्ता और बीसीसीएल की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भाकपा (माले) और बिहार कोलियरी कामगार यूनियन के केंद्रीय सचिव हलधर मंडल ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की। उन्होंने निर्माण में की गई भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि 500 करोड़ की लागत से तैयार यह परियोजना पूरी तरह से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है।
हलधर महतो ने कहा,
“न्यू मधुबनवासरी के निर्माण में घटिया सीमेंट, सरिया और बालू का उपयोग किया गया। यही कारण है कि मात्र डेढ़ साल में ही इसका 1 नंबर सेलो धराशायी हो गया।”
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब धनबाद में सीबीआई कार्यालय मौजूद है, तब भी बीसीसीएल में व्याप्त भ्रष्टाचार पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं होती।
“सीबीआई सिर्फ क्लर्क को रिश्वत लेते पकड़ने का काम करती है, लेकिन बीसीसीएल के बड़े अधिकारियों पर चुप्पी साधे रहती है। अभी तक जितने भी बीसीसीएल सीएमडी रिटायर हुए हैं, सभी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं और चार्जशीट भी हुई है।” – महतो ने कहा।
भाकपा माले ने इस मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि जनता का न्यायपालिका पर भरोसा है और अब वक्त है कि इस तरह के घोटालों पर सख्त कार्रवाई हो।
महतो ने आगे कहा कि देश भर में पुल, पुलिया और सड़कें धराशायी हो रही हैं, जो कि केंद्र सरकार की नाकामी को दर्शाता है।
“भाकपा माले इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक उठाएगी।”
गौरतलब है कि न्यू मधुबनवासरी परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 2017 में शुरू हुआ था और इसका उद्घाटन तत्कालीन कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 2022 में ऑनलाइन माध्यम से किया था।






















