पटना: बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने 30 अक्टूबर को बाढ़ में हुई हिंसक झड़प व दुलारचंद यादव की मौत को लेकर प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि घटना को पूरी संवेदनशीलता के साथ लिया गया है।
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डीजीपी ने बताया कि “दो उम्मीदवारों के समर्थक विपरीत दिशा से जा रहे थे, तभी बहस हुई और उसके बाद पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस दौरान दुलारचंद यादव की मृत्यु हुई।”
पोस्टमार्टम को लेकर परिजनों की मांग पर बाढ़ अस्पताल में ही पोस्टमार्टम कराया गया।
पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई, यहां तक कि पीड़ित पक्ष ने भी वीडियो रिकॉर्डिंग कराई।
डीजीपी ने बताया “ऐसा प्रतीत हो रहा था कि मृतक के शरीर के निचले हिस्से में गोली का निशान है, इसलिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट बहुत जरूरी थी। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि गोली लगने से मौत नहीं हुई।”
रिपोर्ट के अनुसार “शरीर के ऊपरी हिस्से, विशेषकर लंग्स और हार्ट एरिया में कंप्रेशन (दबाव) पाया गया है।”
डीजीपी ने कहा कि मृतक वीडियो फुटेज में पत्थरबाजी करते हुए दिख रहे हैं, और जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं उन पर वाहन तो नहीं चढ़ गया —
यह एक्सीडेंटल था या जानबूझकर किया गया, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।
कार्रवाई और जांच
अब तक 80 से अधिक गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं।जन सुराज उम्मीदवार प्रियदर्शी पीयूष की गिरफ्तारी भी होगी।सीआईडी और जिला पुलिस संयुक्त रूप से जांच कर रही है।दोनों पक्षों की FIR पर समान रूप से कार्रवाई होगी।
डीजीपी ने जनता से अपील की “कोई भी व्यक्ति जातीय उन्माद की स्थिति न बनाए। हमारी प्राथमिकता 6 नवंबर को शांतिपूर्ण चुनाव कराना है।”
उन्होंने यह भी बताया कि अनंत सिंह से पूछताछ की जा रही है और जरूरत पड़ने पर अन्य तत्वों से भी जानकारी ली जाएगी।
इलेक्शन कमीशन पल-पल की रिपोर्ट ले रहा है।






















