आइज़ोल:भारतीय रेलवे के 172 वर्षों के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। मिज़ोरम, जो अब तक रेलवे नेटवर्क से पूरी तरह कटे रहने वाला एकमात्र पूर्वोत्तर राज्य था, आज पहली बार भारतीय रेल नेटवर्क से जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बइरबी-सैरांग ब्रॉड गेज रेल परियोजना को हरी झंडी दिखाकर राज्यवासियों को बड़ी सौगात दी।
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इस ऐतिहासिक मौके पर पीएम मोदी ने कहा:
“यह सिर्फ रेललाइन नहीं, मिज़ोरम के लिए नए युग की शुरुआत है। यह राज्य को बाकी भारत से जोड़ने वाली जीवनरेखा बनेगी।”
8070 करोड़ की लागत, 45 सुरंगें और 150 से अधिक पुल
पूर्वोत्तर की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को पार करते हुए यह रेललाइन 48 सुरंगों और 150 से अधिक पुलों से होकर गुजरती है। इसमें एक पुल तो कुतुब मीनार से भी ऊँचा है। कुल 51.38 किलोमीटर लंबी यह लाइन मिज़ोरम की राजधानी आइज़ोल से 22 किमी दूर स्थित सैरांग स्टेशन तक जाती है।
यह परियोजना “एक्ट ईस्ट पॉलिसी” के तहत पूरी की गई है और यह आइज़ोल को असम के सिलचर, फिर पूरे देश से जोड़ेगी।
कनेक्टिविटी के नए विकल्प
अब मिज़ोरम के लोगों को राजधानी दिल्ली के लिए राजधानी एक्सप्रेस, कोलकाता के लिए ट्राई-वीकली एक्सप्रेस, और गुवाहाटी के लिए मिज़ोरम एक्सप्रेस (दैनिक सेवा) जैसे विकल्प मिलेंगे।
ट्रेन संख्या 20597 (राजधानी एक्सप्रेस)
- हर शनिवार शाम 4:30 बजे सैरांग से रवाना
- सोमवार सुबह 10:50 बजे दिल्ली (आनंद विहार) पहुँचेगी
ट्रेन संख्या 20598 (वापसी)
- सोमवार शाम 7:50 बजे आनंद विहार से प्रस्थान
- मंगलवार दोपहर 3:15 बजे सैरांग आगमन
यह ट्रेन 21 प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी जिनमें गुवाहाटी, न्यू जलपाईगुड़ी, भागलपुर, पटना और कानपुर जैसे स्टेशन शामिल हैं।
अभी डीज़ल, भविष्य में इलेक्ट्रिफिकेशन
बइरबी-सैरांग लाइन पर फिलहाल डीज़ल इंजन से संचालन होगा, जिसे गुवाहाटी से आगे इलेक्ट्रिक इंजन द्वारा बदला जाएगा। रेल मंत्रालय भविष्य में इस लाइन के विद्युतीकरण की योजना पर भी काम कर रहा है।
स्थानीय लोगों के लिए वरदान
अब तक सिलचर से आइज़ोल तक सड़क से 150 किमी की दूरी तय करने में ₹1000 से ज्यादा खर्च होता था, वहीं अब यह दूरी ₹80 से भी कम में ट्रेन से पूरी की जा सकेगी। यह मिज़ोरम के निवासियों को स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यापार के लिए देश के अन्य हिस्सों तक सुलभ पहुंच देगा।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा:
“यह न केवल मिज़ोरम बल्कि पूरे पूर्वोत्तर के लिए ऐतिहासिक दिन है। रविवार से यात्री ट्रेनें और तुरंत मालगाड़ी सेवाएं शुरू होंगी, जिससे आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।”






















