अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, पाँच शातिर गिरफ्तार
Highlights:
जामताड़ा: जामताड़ा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में एक सक्रिय अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने छापेमारी कर पाँच आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
कार्रवाई नारायणपुर थाना क्षेत्र के हीरापुर गाँव स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय के पास अकड़िया पेड़ के नीचे की गई, जहाँ अपराधी साइबर ठगी की गतिविधियों में जुटे थे।
विशेष टीम ने की कार्रवाई
एसपी के आदेश पर गठित टीम का नेतृत्व पु॰नि॰ सह थाना प्रभारी राजेश मंडल ने किया। टीम में साइबर थाना जामताड़ा के पु॰नि॰ प्रकाश सेठ, पु॰अनि॰ हीरालाल महतो तथा अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
छापेमारी में पुलिस ने
- 09 मोबाइल फोन
- 12 सिम कार्ड
बरामद किए, जिनका उपयोग साइबर ठगी के लिए किया जा रहा था।
गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान इस प्रकार है:
- समीम अंसारी (19)
- तस्लीम राजा (24)
- सगीर अंसारी (19)
- सलामत अंसारी (24)
- ताजुल अंसारी (21)
सभी आरोपी नारायणपुर थाना क्षेत्र के विभिन्न गाँवों के निवासी हैं।
ठगी का तरीका: फर्जी लिंक और खतरनाक APK फ़ाइल
पुलिस जांच में पता चला कि गिरोह सोशल मीडिया और चैट एप्स के माध्यम से फर्जी लिंक भेजता था।
जैसे ही पीड़ित लिंक पर क्लिक करते, उनके मोबाइल में मैलवेयर युक्त APK फाइल इंस्टॉल हो जाती, जिससे मोबाइल का पूरा कंट्रोल अपराधियों के हाथ में आ जाता था।
इसके बाद वे—
- बैंक विवरण
- ओटीपी
- संवेदनशील निजी डाटा
चुराकर खातों से पैसे निकाल लेते थे।
कानूनी कार्रवाई और गिरोह का नेटवर्क
मामला जामताड़ा साइबर थाना कांड संख्या 72/25 (दिनांक 09.12.2025) के तहत दर्ज किया गया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता 2023, आईटी एक्ट, और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की धाराएँ लगाई गई हैं।
सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी ताजुल अंसारी पूर्व में भी साइबर अपराध में जेल जा चुका है।
गिरोह का नेटवर्क झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश तक फैला हुआ बताया जा रहा है।
एसपी का बयान — “साइबर अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी राजकुमार मेहता ने कहा कि जिले में साइबर अपराध के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है।
उन्होंने जनता से अपील की—किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अजनबी कॉल पर OTP या बैंक जानकारी साझा न करें, संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस/साइबर हेल्पलाइन को सूचित करें।






















