धनबाद/कोडरमा: रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और अपराध आसूचना शाखा (CIB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चंबल एक्सप्रेस में हुई नशाखुरानी की सनसनीखेज घटना का खुलासा किया है। इस मामले में सात अंतर्राज्यीय अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जो साधु का वेश धारण कर यात्रियों को निशाना बनाते थे।
यह घटना 10-11 मार्च की है, जब चंबल एक्सप्रेस के जनरल कोच में यात्रा कर रही शिवानी नामक महिला को ‘प्रसाद’ के नाम पर नशीला लड्डू खिलाया गया। बेहोश होने के बाद अपराधियों ने उसके पास से नकदी और चांदी के जेवर लूट लिए। गंभीर हालत में महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 15 मार्च को बांदा जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
मामले में Government Railway Police (GRP) कोडरमा में कांड संख्या 11/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए धनबाद मंडल के वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर सीआईबी प्रभारी अरबिंद कुमार राम के नेतृत्व में एक विशेष टास्क टीम गठित की गई।
जांच के दौरान टीम ने धनबाद, आसनसोल, बर्धमान, डीडीयू, वाराणसी और लखनऊ सहित कई स्टेशनों के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले। विश्लेषण में सामने आया कि सात संदिग्ध आसनसोल के काली पहाड़ी क्षेत्र से ट्रेन में सवार हुए थे और वारदात के बाद वाराणसी होते हुए सुल्तानपुर और निहालगढ़ की ओर फरार हो गए।
तकनीकी जांच में यह भी खुलासा हुआ कि यह गिरोह अमेठी जिले का रहने वाला है और वेश बदलकर ठगी व लूट की घटनाओं को अंजाम देता है।
लगातार निगरानी और लोकेशन ट्रैकिंग के बाद टीम ने 31 मार्च 2026 को आसनसोल-गया पैसेंजर ट्रेन में पीछा करते हुए सभी सात आरोपियों—धूमी, रज्जाक जोगी, राजू, पहाड़ी, कृपाल, सुनील और मूला उर्फ रामचंद्र—को कोडरमा में गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अपराधियों के पास से भारी मात्रा में नशीली दवाएं (अल्प्राजोलम टैबलेट), लूट की नकदी ₹5050, चार मोबाइल फोन और साधु वेश में इस्तेमाल होने वाले सामान जैसे कमंडल, रुद्राक्ष माला, भगवा वस्त्र और मोर पंख बरामद किए गए हैं।
इस पूरे ऑपरेशन में धनबाद CIB के साथ कोडरमा GRP, आसनसोल CIB और निहालगढ़ RPF की महत्वपूर्ण भूमिका रही।






















