धनबाद: उपायुक्त आदित्य रंजन की अध्यक्षता में शुक्रवार को जनता दरबार का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनी गईं।
Highlights:
सदर अस्पताल की अधिग्रहित भूमि पर कब्जे की शिकायत
कस्तूरबा नगर के एक बुजुर्ग व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि सदर अस्पताल के लिए अधिग्रहित की गई भूमि पर किसी अन्य व्यक्ति ने कब्जा कर लिया है। उन्होंने बताया कि यह जमीन पूर्व में अविभाजित बिहार के समय से जेल प्रशासन के कब्जे में थी, बाद में इसे सदर अस्पताल के लिए अधिग्रहित किया गया। झारखंड राज्य गठन के बाद इस भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया गया। इस पर उपायुक्त ने तत्काल जांच का निर्देश दिया।
दिव्यांग गुमटी संचालक ने बताई मारपीट और धमकी की समस्या
धनसार क्षेत्र के एक दिव्यांग गुमटी संचालक ने बताया कि कुछ भू-माफियाओं द्वारा उनसे मारपीट, धमकी तथा उनकी गुमटी तोड़ने की कोशिश की जा रही है। यह गुमटी उनके पूरे परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन है। उनका कहना है कि गुमटी सरकारी भूमि पर है, जिसे कब्जा कर भू-माफिया अवैध निर्माण करना चाहते हैं।
रजिस्ट्रेशन शुल्क रिफंड की मांग
मनईटांड छठ तालाब से आए एक व्यक्ति ने शिकायत की कि उन्होंने ऑनलाइन जमीन रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा किया था, लेकिन जमीन मालिक के मना करने पर रजिस्ट्री नहीं हो सकी। उन्होंने रजिस्ट्रेशन शुल्क वापस करने की गुहार लगाई।
अन्य दर्ज शिकायतें
जनता दरबार में कई अन्य मामलों से संबंधित आवेदन भी प्राप्त हुए, जिनमें —
- रेल परियोजना के तहत अधिग्रहित जमीन का मुआवजा नहीं मिलने,
- सरकार द्वारा दिए गए बीज ग्रामीणों को न देकर बाजार में बेचने,
- NH-2 में अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा लंबित रहने,
- भुदा के महावीर नगर क्षेत्र में भूमाफिया द्वारा तालाब की खरीद-बिक्री कराने जैसी शिकायतें शामिल रहीं।
उपायुक्त ने सभी मामलों के समाधान हेतु संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जनता दरबार में प्रभारी जन शिकायत कोषांग नियाज अहमद भी उपस्थित रहे।






















